हजारीबाग : विपक्षी दलों ने सोमवार को केंद्र सरकार के नोटबंदी के विरोध में समाहरणालय के समक्ष संयुक्त रूप से आक्रोश दिवस सह धरना प्रदर्शन किया. राजद, जदयू, बसपा, सीपीएम,सीपीआइ, झामुमो, फारवर्ड ब्लॉक, झाविमो, खतियानी परिवार ,मासस समेत अन्य विपक्षी दलों ने नोटबंदी पर विरोध जताया. कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो जिला सचिव सुखदेव यादव व संचालन सीपीआइ के रजी अहमद ने किया.
राजद के प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा ने कहा कि पांच सौ और हजार के नोट बंद करने से देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गयी है.
मजदूरों,किसानों के समक्ष गंभीर आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गयी है. उन्होंने कहा कि पैसा रहने के बाद भी विवाह में परेशानियां आ रही है. झाविमो के किसान प्रकोष्ठ अध्यक्ष शिवलाल महतो ने कहा कि इस निर्णय से देश के किसान बेहाल हो गये है. बुआई के समय ही उनके हाथ में नकदी नहीं रही. बीज और खाद खरीदने के लिये उन्हें कर्ज भी नहीं मिल रहा है.जदयू के प्रदेश सचिव बटेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि छोटे उद्यमी और व्यापारी सरकार के इस निर्णय से कंगाल हो गये है.
सीपीएम के जिला सचिव गणेश कुमार सीटू ने कहा कि नोटबंदी से मरीजों को इलाज कराने में परेशानी हो रही है. सरकारी अस्पताल में पुराने नोट तो लिये जा रहे हैं लेकिन अच्छे इलाज के लिये मरीजों को निजी क्लीनिकों की शरण लेना पड़ता है. विरोध प्रदर्शन में शंभु कुमार, लालमण कुशवाहा, निसार अहमद, संजय गुप्ता, ओमप्रकाश मेहता, नीलकंठ महतो, शंभु यादव, मनोहर राम, विपिन सिन्हा, सुरेश दास, रामेश्वर राय, खलील अंसारी, चांद खान, सुरजीत नागवाल,निजाम अंसारी,अर्जुन यादव, विनोद गुप्ता, लोकनाथ रविदास, सुधीर शुक्ला, गुलाम जिलानी, अशोक यादव, मोहम्मद नईम, सेवालाल महतो, अब्दुला खान, विमल बिरूआ, गुलाब साव, रामेश्वर राम कुशवाहा समेत सभी विपक्षी दलों के कार्यकर्ता शामिल थे.
