हजारीबाग : झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग सचिव अाराधना पटनायक को विलंब से सूचना देने के कारण सरकार को तीन लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा. अब झारखंड शिक्षा परियोजना, हजारीबाग को तीन लाख रुपये का भुगतान बगैर कार्यक्रम कराये विभिन्न मदों में करना पड़ेगा.
सरकारी राशि का इस तरह से हुए दुरुपयोग पर राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाया है. इधर, जिस अधिकारी की लापरवाही से सरकार को लाखों का नुकसान हुआ है, उस अधिकारी से पैसे की वसूली की मांग उठ रही है. बताया जाता है कि शिक्षा सचिव ने मंगलवार की रात डीएसइ को कार्यक्रम स्थगित कर देने की बात कही थी. इधर, झाविमो छात्र नेता विशाल कुमार वाल्मिकी ने इस मुद्दे पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है.
क्या है मामला: जिला स्तर पर विद्यालय प्रबंधन समिति का सम्मेलन बुधवार को हजारीबाग स्टेडियम में होना था. इस कार्यक्रम में जिले भर के सरकारी 1605 प्रारंभिक स्कूलों (एक से आठ वर्ग) में गठित विद्यालय प्रबंधन समिति के 3500 लोगों को शामिल होना था. इसके लिए भव्य पंडाल बनाने का काम एक सप्ताह से चल रहा था. बुधवार को सभी कुछ तैयार था, लेकिन बाद में कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया.
अध्यक्ष व सचिव में नाराजगी: विद्यालय प्रबंधन समिति से जुड़े अध्यक्ष व सचिव को सम्मेलन सह कार्यशाला में बुलाया गया था. बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके थे.
लोगों ने बताया कि हजारीबाग आने में पैसा खर्च हुआ और समय की भी बरबादी हुई. यह शिक्षा विभाग की लापरवाही है.खाना बेकार हुआ: विद्यालय प्रबंधन समिति से जुड़े अध्यक्ष व सचिव को कार्यशाला के माध्यम से कर्तव्यों की जानकारी देनी थी, उन्हें प्रशिक्षित करना था. सभी के लिए भोजन की व्यवस्था थी. दाल-भात, सब्जी की व्यवस्था थी. कार्यक्रम नही होने से बनाया गया खाना भी बेकार हो गया.
