जमीन अधिग्रहण से पूर्व मूल्यांकन जरूरी: उपायुक्त

विभावि में सोशल इंपेक्ट पर कार्यशाला भूमि अधिग्रहण के असिस्मेंट की जिम्मेवारी विभावि भूगेाल विभाग को मिली हजारीबाग : विभावि के विवेकानंद सभागार में मंगलवार को एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका विषय सोशल इंपेक्ट एसेस्मेंट इन झारखंड था. मौके पर बतौर मुख्य अतिथि उपायुक्त रविशंकर शुक्ल ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के पूर्व […]

विभावि में सोशल इंपेक्ट पर कार्यशाला
भूमि अधिग्रहण के असिस्मेंट की जिम्मेवारी विभावि भूगेाल विभाग को मिली
हजारीबाग : विभावि के विवेकानंद सभागार में मंगलवार को एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका विषय सोशल इंपेक्ट एसेस्मेंट इन झारखंड था. मौके पर बतौर मुख्य अतिथि उपायुक्त रविशंकर शुक्ल ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के पूर्व यह देखना जरूरी है, कि इसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा. मुख्य वक्ता एएन सिन्हा, इंस्टीट्यूट पटना के डॉ विद्यार्थी विकास ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के समय यह देखना जरूरी है की यह समाज के लिए किया जा रहा है अथवा व्यक्ति के फायदे के लिए. जमीन अधिग्रहण से पूर्व एसेस्मेंट जरूरी है. लोगों की सहमति लेना भी जरूरी है. कुलपति प्रो गुरदीप सिंह ने कई उदाहरण देकर बताया कि जमीन अधिग्रहण से विकास हुआ है.
इसका फायदा समाज को मिलना चाहिए. प्रतिकुलपति प्रो मनोरंजन प्रसाद सिन्हा ने कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट लगने से पहले यह देखना जरूरी है कि इसका असर समाज पर कितना पड़ेगा. स्वागत भाषण डॉ अभय कुमार सिन्हा एवं धन्यवाद ज्ञापन भूगेाल विभागाध्यक्ष डॉ ओपी महतो ने किया. विभावि के पीजी भूगोल विभाग को हजारीबाग जिला में लगनेवाले प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण से संबंधित रि-एसेस्मेंट का काम दिया गया है. यह कार्य एसआइए के तहत होगा. इसके तहत भूगेाल विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थी भूमि अधिग्रहण का रि-एसेस्मेंट करेंगे. इनकी रिपोर्ट पर ही हजारीबाग में कोई भी प्रोजेक्ट लगेगा अथवा
रद्द होगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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