बच्चों के लिए स्तनपान जरूरी

हजारीबाग : राजकीय बालिका उवि सभागार में विश्व स्तनपान पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें जिले भर की सेविकाएं व सहायिकाएं शामिल हुईं. कार्यक्रम का उदघाटन डीसी रविशंकर शुक्ला ने किया. डीसी ने कहा कि नवजात को जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान कराना चाहिए. बच्चों के विकास के लिये स्तनपान […]

हजारीबाग : राजकीय बालिका उवि सभागार में विश्व स्तनपान पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें जिले भर की सेविकाएं व सहायिकाएं शामिल हुईं. कार्यक्रम का उदघाटन डीसी रविशंकर शुक्ला ने किया. डीसी ने कहा कि नवजात को जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान कराना चाहिए. बच्चों के विकास के लिये स्तनपान जरूरी है. छह माह के बाद स्तनपान के साथ संतुलित अहार बच्चों को दें. बच्चों के बीमार होने पर स्तनपान कराना चाहिये. इससे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रतीश सिंह ठाकुर ने कहा कि नवजात को स्तनपान नियमित कराना चाहिये. इससे धात्रि महिलाओं को भी लाभ होता है. स्तनपान कराने से महिलाओं को गंभीर बीमारी नहीं होती है. शोध से पता चला है कि स्तनपान कराने पर महिलाओं में डायबिटीज व कैंसर की संभावना कम होती है. एससीएमओ रूबी लकड़ा ने कहा कि महिलाओं को नवजात बच्चे को एक घंटे के अंदर स्तनपान के साथ-साथ दो साल तक दूध पिलाना चाहिये.
कार्यशाला को सभी सीडीपीओ, एनआरएचएम के पदाधिकारियों ने संबोधित किया. मौके पर सीडीपीओ डॉ रेखा रानी, वीणा गुप्ता, प्रतिमा कुमारी, मीना ठाकुर, आरती कुमारी, राखी चंद्रा, उषा कुमारी, सरिता कुमारी, आशा एलिजाबेथ, तापसी भट्टाचार्य सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे. कार्यशाला में डीसी ने पांच बच्चों को अन्नप्रासन कराया, जिसमें राधिका कुमारी, अंजूर हुसैन, अर्पिता कश्यप व दिव्यान के नाम शामिल हैं. बेबी शो में तेजिस्विनी को पुरस्कृत किया गया.

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