हजारीबाग : शहर में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रोड मैप बनेगा, वहीं लोगों को जागरूक किया जायेगा. जिला प्रशासन के अधिकारी अामलोगों को साथ लेकर इस मामले में काम करेंगे. डीसी रविशंकर शुक्ला के नेतृत्व में जिले के अधिकारियों ने सड़कों पर काम शुरू कर दिया है. सड़क दुर्घटना न हो, इसके लिए सबसे पहले सड़क किनारे खड़े सूखे पेड़, बिजली के पोल, होडिंग, स्टॉल आदि हटाये जायेंगे. वहीं वाहनों की चेकिंग की जायेगी.
पुलिस पदाधिकारी होंगे प्रशिक्षित: यातायात के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके, इसे लेकर सड़क के किनारे यातायात सुरक्षा से संबंधित होडिंग, बैनर व पोस्टर लगाये जायेंगे. वहीं सड़कों पर पुलिस की ओर से गश्त बढ़ायी जायेगी. इसके अलावा शहर के किनारे वैसे होर्डिंग एवं अनावश्यक वस्तु जिससे दुर्घटना का खतरा हो, उसे हटाने का काम होगा.
राष्ट्रीय राजमार्गों एवं राज्य उच्च पथों पर सड़क दुर्घटना से संबंधित ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना जोन) को चिह्नित किया जा रहा है. उसे ठीक कराया जायेगा. 2020 तक वर्तमान दुर्घटनाओं से 50 प्रतिशत कमी लाने के लिए रोड मैप तैयार होगा. हजारीबाग शहर में ट्रैफिक थाना के लिए जमीन चिह्नित किये जायेंगे. ट्रैफिक पुलिस और पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जायेगा. वहीं चालकों के लाइसेंस, हेलमेट, इंश्योरेंस व वाहन पेपर आदि की जांच होगी.
इंश्योरेंस फेल होने पर फाइन: थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होने से दुर्घटना में सभी को लाभ मिलेगा. वाहन मालिकों को वाहन का इंश्योरेंस कराना होगा. जांच अभियान में सभी छोटी-बड़ी गाड़ियों को इंश्योरेंस कराने को कहा गया. शहर के विभिन्न मार्गों पर वाहन चेकिंग जारी रहेगा. वाहन मालिकों को इंश्योरेंस कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के महत्व को बताया जा रहा है. अब तक 400 वाहनों की चेकिंग में 35 हजार की वसूली हुई है.
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक डीसी रविशंकर शुक्ला की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई. डीसी ने डीटीओ से कहा कि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के लिए प्रचार-प्रसार करें. सभी छोटे-बड़े वाहनों का इंश्योरेंस कराया जाये. जिले में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जोड़ने पर बल दिया गया. वहीं लोगों से शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाने की अपील की गयी. बैठक में पुलिस पदाधिकारी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, बस ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी आदि शामिल हुए. डीटीओ प्रणव कुमार पाल ने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई कड़े कदम उठाये जा रहे हैं.
