..उत्साहित हैं लावालौंग के मतदाता नक्सलियों के चुनाव बहिष्कार के कारण नहीं कर पाते थे वोट2010 के चुनाव में सभी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचितमतदान को लेकर मतदाता उत्साहितगांवों में भोंपू की आवाज तेज हुईलावालौंग. पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में भोंपू की आवाज तेज हो गयी है़ एक प्रत्याशी का वाहन गांव से निकलता है तो दूसरा का वाहन प्रवेश कर रहा है़ प्रचार-प्रसार में सभी अपने-अपने प्रत्याशी को इमानदार व ग्रामीणों को हितैषी बता कर वोट करने की अपील कर रहे हैं. एक व्यक्ति को चार वोट देना है़ वार्ड सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद सदस्य के लिए वोट करना है़ वहीं पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों के पक्ष में लोग घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं. मतदान को लेकर प्रखंड के लोग काफी उत्साहित हैं. गांव की सरकार को चुनने के लिए लोग काफी खुश नजर आ रहे हैं. बूढ़े, युवा व महिला मतदाताओं में चुनाव को लेकर काफी उत्साहित हैं. वर्ष 1990 से उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र होने के बाद चुनाव बहिष्कार के कारण मतदाता मताधिकार से वंचित रह जाते थे़ नक्सली गांवों में आकर वोट देने वालों पर कार्रवाई करते थे़ जिससे भयभीत होकर मतदाता अपना मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह जाते थे़ वर्ष 2010 में पंचायत चुनाव के दौरान सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित होने पर मतदाता वोट नहीं कर पाये थे़ इस बार मतदाताओं को वोट करने का अवसर मिला है़ प्रखंड के सभी 100 मतदान केन्द्रों पर वोट डाले जायेंगे़ निर्भीक व निष्पक्ष मतदान को लेकर जिला प्रशासन द्वारा नक्सलियों के खिलाफ छापामारी अभियान चलायी जा रही है़ उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी अमित कुमार व एसपी सुरेन्द्र कुमार झा ने मतदाताओं से निर्भीक होकर पंचायत चुनाव में वोट करने की अपील की है़
..उत्साहित हैं लावालौंग के मतदाता
..उत्साहित हैं लावालौंग के मतदाता नक्सलियों के चुनाव बहिष्कार के कारण नहीं कर पाते थे वोट2010 के चुनाव में सभी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचितमतदान को लेकर मतदाता उत्साहितगांवों में भोंपू की आवाज तेज हुईलावालौंग. पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में भोंपू की आवाज तेज हो गयी है़ एक प्रत्याशी का वाहन गांव से निकलता है तो […]
