कौलेश्वरी पहाड़ के ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी ली

कौलेश्वरी पहाड़ के ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी लीअमेरिका, जापान, भूटान, फ्रांस, नेपाल, तिब्बत व थाईलैंड के पर्यटक पहुंचेकौलेश्वरी पहाड़ तीन धर्मों का संगम स्थल है.बौध, जैन व सनातन धर्म के कई अवशेष पहाड़ पर मौजूद हैंफोटो- हंटरगंज 1 में कौलेश्वरी पहाड़ का भ्रमण करते विदेशी पर्यटकप्रतिनिधि, हंटरगंज कौलेश्वरी पहाड़ पर बुधवार को विभिन्न देशों के […]

कौलेश्वरी पहाड़ के ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी लीअमेरिका, जापान, भूटान, फ्रांस, नेपाल, तिब्बत व थाईलैंड के पर्यटक पहुंचेकौलेश्वरी पहाड़ तीन धर्मों का संगम स्थल है.बौध, जैन व सनातन धर्म के कई अवशेष पहाड़ पर मौजूद हैंफोटो- हंटरगंज 1 में कौलेश्वरी पहाड़ का भ्रमण करते विदेशी पर्यटकप्रतिनिधि, हंटरगंज कौलेश्वरी पहाड़ पर बुधवार को विभिन्न देशों के पर्यटक पहुंचे़ पर्यटकों ने यहां मडवा मडई, भैरो बाबा, जैन मंदिर व कौलेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की़ छह घंटे तक पहाड़ पर रह कर यहां के ऐतिहासिक तथ्याें की जानकारी ली़ ज्ञात हो कि कौलेश्वरी पहाड़ तीन धर्मों का संगम स्थल है.बौध, जैन व सनातन धर्म के कई अवशेष पहाड़ पर मौजूद है़ं बड़ी संख्या में यहां तीनों धर्मों के लोग पहुंच कर पूजा-अर्चना करते हैं. पर्यटक फ्रांस के मिस्टर कूक ने कहा कि यहां आकर काफी खुशी हुई़ सरकार को इस स्थल को विकसित करना चाहिए़ यहां के बारे में अपने देशवासियों को बतायेंगे़ साथ ही अपने साथियों को यहां भेजेंगे़ अमेरिका के स्टेपनी ने यहां की खूबसूरती को अपने कैमरे में कैद कर लिया़ थाईलैंड की मिसेज स्टेपनी ने कहा कि यह स्थल बहुत सुंदर है़ इसके अलावा जापान के मिस्टर लेडो इंजामेंड, भूटान, तिब्बत, नेपाल, जपान, फ्रांस व अमेरिका के कई पर्यटक यहां पहुंचे थे़ यहां की हसीन वादियां देख पर्यटक खुश हुए़

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