लीड ़ 30 घंटे बाद मुक्त हुए उरीमारी के कांटा बाबू आपराधियों ने अपहृत रोशन महतो को गोंदलपुरा राउत जंगल से दो नवंबर की रात 12 बजे मुक्त कर दिया3बीजी1 में- अपहरणकर्ताओं से मुक्त होने के बाद रौशन महतो परिवार के सदस्यों के साथ. बड़कागांव/ उरीमारी. 30 घंटे बाद उरीमारी के कांटा बाबू रोशन महतो मुक्त हुए. एक नवंबर की रात करीब आठ बजे चोर मोड़ पतरिया घाटी से छह नकाबपोश अपराधियों ने उनका अगवा कर लिया था. इसकी सूचना मिलते ही हजारीबाग एसपी अखिलेश झा के नेतृत्व में छापामारी शुरू की गयी. पुलिस ने गरसुला, इंदिरा, पसरिया, बरवनिया, लुरूंगा, गाेंदलपुरा, बसकटवा, राउतपारा के जंगलों की घेराबंदी कर दी. पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण आपराधियों ने अपहृत रोशन महतो को गोंदलपुरा राउत जंगल से दो नवंबर की रात 12 बजे मुक्त कर दिया. अंधेरे में ही पैदल चल कर राउत पारा गांव पहुंच कर तीन बजे रात मोटरसाइकिल से अपने घर हरली पहुंचे. घर पहुंचते ही परिवार वालों में खुशी लौट गायी. इधर कांटा बाबू के घर लौटने के बाद एसपी अखिलेश झा ने बड़कागांव थाना में पत्रकारों को बताया कि इस मामले में छह अपराधी शामिल थे. सभी की पहचान हो गयी है. एक सप्ताह के अंदर सभी पकड़ में आ जायेंगे. पुलिस को दिग्भ्रमित करने के लिए लातेहार क्षेत्र का अपराधी बताया गया है. लेकिन इसमें स्थानीय लोग शामिल हैं. वहीं रोशन महतो ने बताया कि कांटा घर में लेवी बंद होने की बात कह कर मुझे अगवा किया था. उन्होंने कहा कि मैंने कहा कि मैं वहां सिर्फ रसीद काटता हूं. इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है, इसके बाद वे लोग मुझे गोंदलपुरा जंगल से मुक्त कर दिया. काफी देर रात तक पूछताछ की गयी. एक व्यक्ति खाने पीने का सामान लाता था और दूर की गतिविधि पर नजर रख रहा था. सभी सिविल ड्रेस में थे. श्री महतो ने बताया कि वे लोग अपने को जेजे ग्रुप का बता रहे थे. एक के पास कट्टा व दूसरे के पास भराठी बंदूक था. उन लोगों ने मुझे उक्त जंगल से सटे कटिंले गड्ढे में महुआ के पेड़ के पास ही हमेशा रखा. अगवा के बाद लगभग 25 किमी पैदल चला.
लीड ़ 30 घंटे बाद मुक्त हुए उरीमारी के कांटा बाबू
लीड ़ 30 घंटे बाद मुक्त हुए उरीमारी के कांटा बाबू आपराधियों ने अपहृत रोशन महतो को गोंदलपुरा राउत जंगल से दो नवंबर की रात 12 बजे मुक्त कर दिया3बीजी1 में- अपहरणकर्ताओं से मुक्त होने के बाद रौशन महतो परिवार के सदस्यों के साथ. बड़कागांव/ उरीमारी. 30 घंटे बाद उरीमारी के कांटा बाबू रोशन महतो […]
