कई काम हुए पर पेयजल की समस्या का नहीं हुआ समाधान (फोटो)

कई काम हुए पर पेयजल की समस्या का नहीं हुआ समाधान (फोटो) फोटो – 29 कोडपी 15मरकच्चो उत्तरी पंचायत की जर्जर सड़कफोटो – 29 कोडपी 16भिखी सावफोटो – 29 कोडपी 17दूसरे स्थान पर रहे रंजीत सिंहफोटो – 29 कोडपी 18कृष्णा कुमार रजकफोटो – 29 कोडपी 19सोना चंद दासफोटो – 29 कोडपी 20महेंद्र सिंहफोटो – 29 […]

कई काम हुए पर पेयजल की समस्या का नहीं हुआ समाधान (फोटो) फोटो – 29 कोडपी 15मरकच्चो उत्तरी पंचायत की जर्जर सड़कफोटो – 29 कोडपी 16भिखी सावफोटो – 29 कोडपी 17दूसरे स्थान पर रहे रंजीत सिंहफोटो – 29 कोडपी 18कृष्णा कुमार रजकफोटो – 29 कोडपी 19सोना चंद दासफोटो – 29 कोडपी 20महेंद्र सिंहफोटो – 29 कोडपी 21मंसूर आलमफोटो – 29 कोडपी 22केदार दासफोटो – 29 कोडपी 36मुखिया विजय कुमार सिंहपंचायतवाच – मरकच्चो उत्तरी पंचायत कुल मतदाता : 3136पुरूष मतदाता : 1632महिला मतदाता : 1504कॉमन इंट्रोपंचायत चुनाव की डुगडुगी बज चुकी है. नामांकन भी शुरू हो गया है तो पिछले पांच वर्ष पहले हुए चुनाव के बाद गांवों की कहां तक बदली स्थिति, जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरे जनप्रतिनिधि इसकी सच्चाई जानने के लिए प्रभात खबर ने शुरू किया पंचायत वाच कॉलम. आज पढ़ें मरकच्चो प्रखंड के मरकच्चो उत्तरी पंचायत की रिपोर्ट.——–प्रतिनिधिमरकच्चो : प्रखंड के अन्य पंचायतो की तरह मरकच्चो उत्तरी पंचायत का हाल नहीं है. यहां के अधिकतर लोगों का मानना है कि मुखिया के नेतृत्व में विकास के कई काम हुए है. सड़के बनी है, लोगों को पेंशन का लाभ भी मिल रहा है. जबकि कुछ लोग ऐसे है जो मुखिया पर पक्षपात करने व योजनाओं का बंदरबांट करने का भी आरोप लगा रहे है. मरकच्चो उत्तरी पंचायत के धुबाडीह गांव निवासी मंसूर आलम ने कहा कि मुखिया के कारण ही अधिकतर लोगों को पेंशन मिल रहा है. सड़कों का निर्माण हुआ है. घर घर में शौचालय बने है. मुखिया लोगों के काम के लिए हमेशा तत्पर भी रहे है और रिश्वतखोरी पर लगाम भी लगाया है. वही पपहरा के केदार दास ने कहा कि समस्याओं का समाधान हुआ है, गरीबों को इंदिरा आवास, पेंशन के अलावा शौचालय की सुविधा मिली है. मुखिया के कार्यकाल से संतुष्ट हूं. वही श्रीनगर के कृष्णा कुमार रजक ने कहा कि ब्लॉक चौक से पंचखेरो नदी को जानेवाली सड़क व्यस्त सड़क होने के बाद भी जर्जर है. पांच वर्ष में लोगों को मुलभूत सुविधायें भी नहीं मिली है. जरूरत की जगह पर योजना न देकर बंदरबांट किया गया है. चंचाल मंडा के महेंद्र सिंह ने कहा कि मनरेगा में अनियमितता बरती गयी है. चंचाल मंडा से पपहरा तक मनरेगा के तहत मिट्टी मोरम की बनी सड़क एक वर्ष में ही दम तोड़ गयी, सड़क पर गड्ढे बन गये है, पंचायत की लोगों की बड़ी समस्या पेयजल की किल्लत है. मुखिया ने इस पर भी ध्यान नहीं दिया. उत्तरी पंचायत में ही पीएचईडी के जलमीनार से हजारो लीटर पानी बर्बाद होता रहता है. भिखी साव ने कहा कि मुखिया का कार्य संतोष जनक है. सड़क बनने के साथ ही सोलर लैंप लगाये गये है. हलांकि उन्होंने कहा कि धुबाडीह से कोसडीहरा तक सड़क जर्जर है. सड़क के किनारे नाली नहीं होने के कारण पानी सड़को पर बहता है. इससे लोगों को परेशानी होती है. सोना चंद दास ने कहा कि हनुमान मंदिर से पीएचईडी तक सड़क जर्जर है. कई बार इसके लिए मुखिया को कहा गया पर समाधान नहीं हुआ. पंचायत के लोगों का कहना है कि पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए जलमीनार का निर्माण होना था पर नहीं हो सका. विकास के लिए तत्पर रहा : मुखियामरकच्चो उत्तरी पंचायत के मुखिया विजय कुमार सिंह ने कहा कि पेयजलापूर्ति के लिए जलमीनार नहीं बनवा सकने का उन्हें मलाल है पर उन्होंने विकास के कई कार्य करवाये हैे और लोगों को सुविधा देने के लिए तत्पर रहे है. उन्होंने अपने कार्यकाल में 35 लोगों को इंदिरा आवास, 435 लोगों को विभिन्न पेंशन योजना का लाभ दिलाया. पेयजल व सिंचाई के लिए 22 कुंआ, चार तालाब, दो चापानल लगाया. मनरेगा व पीएचईडी के सहयोग से 425 शौचालय का निर्माण करवाया, मुख्यमंत्री सड़क योजना से 4 पीसीसी पथ का निर्माण भी कराया गया है. इसके अलावा 24 सोलर लाइट लगाने के साथ ही 8 चबूतरा निर्माण, तीन पशु शेड निर्माण, 10 मिट्टी मोरम पथ निर्माण कार्य किया है. उन्होंने कहा कि प्रखंड में हमने अपनी पंचायत को आदर्श बनाने का पूरा प्रयास किया है. योजनाओं की हुई बंदरबांट : रंजीत सिंहपिछले चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि मुखिया के दावे खोखले है. पंचायत में विकास कार्य कही देखने को नहीं मिलते. योजनाओं का सिर्फ बंदरबांट हुआ है. सरकारी राशि का दुरूपयोग करते हुए पांच वर्ष तक विचौलिया गिरी हावी रहा है. मुखिया ने आम जनता की समस्याये नहीं सुनी बल्कि अपने मत मुताबिक काम किया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >