सी... पंचायत के सभी विवाद पहले गांव में ही सलटते थे

सी… पंचायत के सभी विवाद पहले गांव में ही सलटते थे यादें:- सिमरिया 9 में पूर्व मुखिया शिवमंगल सिंहसिमरिया़ बगरा पंचायत के पूर्व मुखिया शिवमंगल सिंह ने कहा कि पहले के लोग जतना की सेवा करने के उद्देश्य से चुनाव लड़ते थे़ उनमें लोभ व लालच नहीं होता था. उन्होंने 32 वर्षों तक नि:स्वार्थ भाव […]

सी… पंचायत के सभी विवाद पहले गांव में ही सलटते थे यादें:- सिमरिया 9 में पूर्व मुखिया शिवमंगल सिंहसिमरिया़ बगरा पंचायत के पूर्व मुखिया शिवमंगल सिंह ने कहा कि पहले के लोग जतना की सेवा करने के उद्देश्य से चुनाव लड़ते थे़ उनमें लोभ व लालच नहीं होता था. उन्होंने 32 वर्षों तक नि:स्वार्थ भाव से जनता की सेवा की. पंचायत के सभी छोटे-छोटे विवादों को गांवों में ही सलटाते थे़ पहले मुखिया कार्यकारिणी सदस्यों व सरपंच ग्राम कचहरी में मामले को सलटाते थे़ फौजदारी मामला ही कोर्ट कचहरी में जाता था़ पंचायत करने में ही अधिकांश समय बीत जाता था़ उन्होंने बताया कि 1978 में चुनाव लड़े और जीते थे़ उन्होंने कहा कि आज आरक्षण नहीं होता तो पुन: चुनाव लड़ते और जीतते़ 50 रुपये नामांकन व 56 रुपये पोस्टर, परचा छपवाकर मुखिया बना था़ उन्होंने कहा कि अपनी कार्यकाल पूरी ईमानदारी के साथ निभाया़ इस समय का चुनाव: इस समय का चुनाव पैसे के बल पर लड़ा जाता है़ आज के चुनाव में उग्रवाद, जातिवाद व भ्रष्टाचार बढ़ा है़ यही वजह है कि लोग अच्छे प्रतिनिधि का चुनाव नहीं कर पाते हैं. आज के मुखिया पहले अपना लाभ फिर जनता के बारे में सोचते है. बदलाव के रूप में बिचौलिया, भ्रष्टाचार हावी है़

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