राजतंत्र में बनी सड़क का 40 साल में से मरम्मत नहीं

12पदमा2में- गड्ढों से भरा महात्मा गांधी पथ.पदमा. 40 साल पहले जिस सड़क पर सूई गिरने के बाद भी आसानी से मिल जाता था, आज उसी सड़क पर पैदल चलना तक मुश्किल है. पदमा एनएच 33 रामनारायण मुख्यद्वार से पदमा लक्ष्मी निवास पैलेस तक तीन किमी तक सड़क की स्थिति इतनी जर्जर हो गयी है कि […]

12पदमा2में- गड्ढों से भरा महात्मा गांधी पथ.पदमा. 40 साल पहले जिस सड़क पर सूई गिरने के बाद भी आसानी से मिल जाता था, आज उसी सड़क पर पैदल चलना तक मुश्किल है. पदमा एनएच 33 रामनारायण मुख्यद्वार से पदमा लक्ष्मी निवास पैलेस तक तीन किमी तक सड़क की स्थिति इतनी जर्जर हो गयी है कि वाहन पर सवार लोगों की जान सांसत में रहती है. वहीं आमलोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. राजतंत्र के समय महाराजा बहादुर कामाख्या नारायण ने उक्त सड़क का निर्माण करवाया था जो लगभग 40 फीट चौड़ी और पक्की थी. उक्त सड़क का नाम महात्मा गांधी पथ रखा गया था. राजतंत्र समाप्त होने के बाद से उक्त सड़क की मरम्मत तक नहीं की गयी. सड़क की हालात इतनी खराब हो गयी है कि सड़क पर ही बड़े-बड़े गड्ढे बन गये है. उसमें बरसात का पानी भर जाता है जिससे आये दिन दुर्घटना घटते रहती है. जबकि इसी मार्ग से प्रतिदिन प्रखंड मुख्यालय, जेएपीटीसी कैंप और साईं सेंटर जैसे बड़े संस्थान के अधिकारी आना-जाना करते हंै. इस सड़क की दुर्दशा देख पदमा के लोग कहने लगे हैं कि राजतंत्र ही अच्छा था.

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