डॉ मो आलम ने जिले को गौरवांवित किया

लंदन में डंका बजानेवाले डॉ मो आलम वर्ग आठ से मैट्रिक तक की पढ़ाई हजारीबाग हाई स्कूल से कीडॉ मोहम्मद आलम के पिता मुस्ताक अहमद सीसीएल के चरही में इंजीनियर थे9हैज़3 में- हजारीबाग हाई स्कूल.हजारीबाग. लंदन में चिकित्सीय कारनामे से डंका बजाने वाले लोहरदगा के डॉ मो आलम हजारीबाग से भी जुड़े रहे हैं. इन्होंने […]

लंदन में डंका बजानेवाले डॉ मो आलम वर्ग आठ से मैट्रिक तक की पढ़ाई हजारीबाग हाई स्कूल से कीडॉ मोहम्मद आलम के पिता मुस्ताक अहमद सीसीएल के चरही में इंजीनियर थे9हैज़3 में- हजारीबाग हाई स्कूल.हजारीबाग. लंदन में चिकित्सीय कारनामे से डंका बजाने वाले लोहरदगा के डॉ मो आलम हजारीबाग से भी जुड़े रहे हैं. इन्होंने सन 1994 में हजारीबाग हाई स्कूल में आठवीं क्लास में नामांकन लिया. 1996 में मैट्रिक की परीक्षा दी. यहीं से आगे की पढ़ाई के लिए रांची चले गये. वहां से स्नातक की डिग्री हासिल की. पिता मुस्ताक अहमद सीसीएल के चरही में इंजीनियर थे. डॉ मोहम्मद आलम चरही में पिता के साथ रहते थे. यहीं से वे हजारीबाग हाई स्कूल में कक्षा आठ से पढ़ाई शुरू की और मैट्रिक की परीक्षा लिखी. डॉ आलम के इस कामयाबी से हजारीबाग हाई स्कूल के प्राचार्य शौकत अली सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ मो आलम ने स्कूल को गौरवांवित किया है. इसी तरह से हजारीबाग हाई स्कूल के कई विद्यार्थी ऊंचे ओहदे पर काम कर रहे हैं. प्राचार्य ने बताया कि लंदन से इंडिया आने पर डॉ मो आलम को स्कूल प्रबंधन ने सम्मानित करने का निर्णय लिया है.

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