पूर्वी भारत में कृषि की अपार संभावना : राधामोहन सिंह

हार्टी संगम 2015 का उदघाटन हजारीबाग : हजारीबाग जिले के बरही के चकुराटांड़ में दो दिवसीय हार्टी संगम- 2015 का शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने उदघाटन किया. मौके पर उन्होंने कहा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वी भारत में कृषि की उन्नति के लिए झारखंड के गौरिया करमा और असम में […]

हार्टी संगम 2015 का उदघाटन

हजारीबाग : हजारीबाग जिले के बरही के चकुराटांड़ में दो दिवसीय हार्टी संगम- 2015 का शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने उदघाटन किया. मौके पर उन्होंने कहा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वी भारत में कृषि की उन्नति के लिए झारखंड के गौरिया करमा और असम में राष्ट्रीय स्तर के कृषि अनुसंधान संस्थान खोलने का संकल्प लिया था. पंजाब, हरियाणा में कृषि उत्पादन का ह्वास हो रहा है. वहां की मिट्टी अत्यधिक रासायनिक खाद के उपयोग के कारण मर गयी है. पूर्वी भारत में कृषि की अपार संभावना है. उन्नत किस्म के बीज और कृषि शोध से ही देश में कृषि उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है.

28 जून को प्रधानमंत्री बरही में इस संस्थान की आधारशिला रखेंगे. उन्होंने कहा : सिंचाई के लिए पांच हजार तीन सौ करोड़ की राशि सरकार ने दी है. इसके लिए जिला स्तर पर योजना बनायी जायेगी. देश में 13-14 करोड़ किसान हैं. किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड दिया जायेगा. स्वाइल हेल्थ कार्ड में किसान के व्यक्तिगत खेत की मिट्टी का विवरण रहेगा. मिट्टी जांच के लिए 100 मोबाइल मिट्टी जांच केंद्र बनाये जायेंगे. 2017 तक सभी किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड दे दिया जायेगा. इसके लिए 568 करोड़ का आवंटन दिया गया है.

उन्होंने कहा : प्रधानमंत्री ने देश की जनता की तरक्की के लिए जो सपना देखा है, वह पूरा होगा. देश में परंपरागत कृषि का विकास करने की जरूरत है. रासायनिक खाद की जगह जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जायेगा. प्रधानमंत्री ने परंपरागत कृषि विकास योजना के लिए तीन सौ करोड़ का आवंटन दिया है. इस राशि से गांव के किसानों को 20 हजार रुपये जैविक खेती करने के लिए दिये जायेंगे.

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