पढाई शोध परक होनी चाहिये- गोपाल जी
हजारीबाग : डीएवी पब्लिक स्कूल में स्टेप फारवर्ड फॉर इनोवेशन विषय पर एक दिवसीय सेमिनार हुआ. देश के यंगेस्ट साईंटिस्ट गोपाल जी ने दसवीं के विद्यार्थी को कहा कि वे अपने सपनों को विस्तार दें. पढ़ाई का उद्देश्य इंजीनियरिंग, प्रबंधन के क्षेत्र में जाकर कारपोरेट कल्चर में ढलकर रुपये कमाना नहीं हैं, बल्कि पढ़ाई शोध-परक होनी चाहिए.
नये भारत का निर्माण नई उम्र के नये साईंटिस्ट कर सकते हैं, जो नित्य नवीन खोज एवं आविष्कार के प्रति समर्पित हैं. प्रखर दृष्टि, नूतन कल्पना एवं नवाचार के प्रति सहज रुझान ही नई खोज के लिए किशोर मस्तिष्क को प्रेरित करते हैं. छात्र कोर्स के फ्रेम-वर्क से बाहर निकलकर कुछ नया करने का जोखिम उठायें, तभी नया अनुसंधान संभव हैं.
गोपाल जी ने छात्रों से केले के थंब (तना) से बिजली पैदा करने की प्रक्रिया को उनके बीच शेयर किया. उसने जल-प्रबंधन के कई देसी तरीकों से भी उन्हें अवगत कराया. मुख्य अतिथि राधागोविंद विवि के वाइस चांसलर डॉ रजीउद्दीन ने छात्र-छात्राओं को अपना अधिकांश समय अपने साईंस टीचर के साथ प्रयोगशाला में व्यतीत करने की सीख दी.
उन्होंने बच्चों को उत्साहित करते हुए कहा कि कुछ नया करने के लिए प्राकृतिक घटनाओं को ध्यान से देखें. वे अपने आसपास की चीजों को नये नजरीये से देखें.डीएवी प्राचार्य अशोक कुमार ने कहा कि सिर्फ किताबी सूचनाओं को रटकर अधिकतम अंक लाना अधूरी शिक्षा का परिचायक है.
ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान से ही भारत का भौतिक विकास संभव है. सेमिनार के समापन में साईंस शिक्षक तौहिद अख्तर ने वाईएमआरडी के सदस्य गोपाल जी, हेल्पिंग इंडिया फीडिंग इंडिया के संस्थापक अभिजीत कुमार एवं कार्यक्रम के संयोजक जीतेंद्र कुमार तथा वाइसचांसलर डॉ रजीउद्दीन के प्रति विषेष रूप से आभार प्रकट किया.
