हजारीबाग : बैसाखी के पावन अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में सिख धर्म का 320वां स्थापना श्रद्धा के साथ मनाया गया. इसको लेकर दीवान को सुंदर ढंग से सजाया गया था. कार्यक्रम सुबह आठ बजे श्री अखंड पाठ साहब से 12.30 बजे भजन-कीर्तन हुआ. रागी जत्था भाई तीर्थ सिंह, भाई परमजीत सिंह व उनके साथी ने शब्द कीर्तन से मंत्रमुग्ध कर दिया.
अरदास के बाद कडाह का प्रसाद वितरण हुआ. सभी धर्मों के लोग गुरु के लंगर अटूट में शामिल हुए. मालूम हो कि दशमेश गुरु गोविंद सिंह ने आज के ही दिन पंच प्यारे का गठन किया था. उन्हें अमृत पान करा कर खालसा पंथ की स्थापना की थी. समाज में ऊंच-नीच, जात-पात का भेद मिटाने के लिए विभिन्न धर्मों व जातियों के लोगों को अमृत पान कराया था और उन्हें सिंह से सजाया था. इस दिन से उनके नाम के आगे सिंह लगाया गया.
उन्हें पंच ककार जिनमें कृपाण, केश, कडाह, कचडहा ओर कंगहा रखने की धार्मिक अनुमति दी गयी. इसी दिन से सिख धर्म में बैसाखी मनाने की परंपरा शुरू हुई. कार्यक्रम को सफल बनाने में संगत में प्रमुख सरकार अवतार सिंह, सरदार प्रीत पाल सिंह, सरदार देवेंद्र सिंह, सरदार कंवलजीत सिंह, दीपक पसरीचा, राजीव बग्गा, सरदार राजेंद्र सिंह होरा, सरदार मंजीत सिंह कालरा ने मुख्य भूमिका निभायी.
