बाल मजदूरी कराना अपराध

विश्व बाल श्रम उन्मूलन दिवस पर लगा शिविर, आरके दत्ता ने कहा हजारीबाग : विश्व बाल श्रम उन्मूलन दिवस पर उप श्रमायुक्त प्रमंडलीय कार्यालय में जागरूकता शिविर लगा. उपश्रमायुक्त आरके दत्ता ने कहा कि 14 से कम उम्र के बच्चों से बाल मजदूरी कराना अपराध है. उन्होंने समाज के सभी वर्ग क ो जिम्मेवारी लेने […]

विश्व बाल श्रम उन्मूलन दिवस पर लगा शिविर, आरके दत्ता ने कहा

हजारीबाग : विश्व बाल श्रम उन्मूलन दिवस पर उप श्रमायुक्त प्रमंडलीय कार्यालय में जागरूकता शिविर लगा. उपश्रमायुक्त आरके दत्ता ने कहा कि 14 से कम उम्र के बच्चों से बाल मजदूरी कराना अपराध है.

उन्होंने समाज के सभी वर्ग क ो जिम्मेवारी लेने को कहा. 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे से मजदूरी कराने पर अविलंब कार्रवाई करने की बात कही. शिविर में प्रमंडल के अंतर्गत हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मौजूद थे. संकल्प लिया गया कि बाल मजदूरी कहीं भी नहीं हो. झारखंड सरकार का संकल्प 2016 तक बाल मजदूरी खत्म करने के निर्णय को दोहराया गया.

प्रभात फेरी निकाली गयी : विश्व बाल श्रम उन्मूलन दिवस पर प्रभात फेरी निकाली गयी. उप श्रमायुक्त कार्यालय में कार्यरत एनजीओ आप्टो विजन गारमेंट के नेतृत्व में प्रभात फेरी सिंदुर पंचायत भवन से शुरू की गयी जो विभिन्न मार्गो से गुजरते हुए जिला परिषद चौक पहुंची. श्रमायुक्त कार्यालय परिसर में मजदूरों को उनके अधिकार बताये गये. कार्यक्रम में अनिल कु मार,लक्ष्मीकांत वर्णवाल,रामाश्रय साह,नीरज कुमार सिन्हा, मुके श नारायण व डा एसके सिंह शामिल थे.

जुर्माना और सजा भी हो सकती है

बालश्रम उन्मूलन अधिनियम 1986 के अंतर्गत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी कराना अपराध की श्रेणी में है. उप श्रमायुक्त ने कहा कि ऐसा करने पर 20 हजार रुपये जुर्माना या एक वर्ष की सजा या फिर दोनों सजा हो सकती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >