बड़कागांव : जर्मन मानवाधिकार की टीम ने सुनी रैयतों-विस्थापितों की समस्या

हजारीबाग : जर्मनी सरकार के मानवाधिकार आयुक्त डॉ बी पौकलर के नेतृत्त्व में एक टीम ने बुधवार को बड़कागांव के एनटीपीसी के कोल प्रोजेक्ट एरिया के रैयत-विस्थापित गांव का दौरा किया. टीम ने रैयतों-विस्थापितों से उनके सुख-दुख की जानकारी ली. रैयतों ने बताया कि हमलोग विकास के नाम पर अपने ही राज्य में अपने सरकार […]

हजारीबाग : जर्मनी सरकार के मानवाधिकार आयुक्त डॉ बी पौकलर के नेतृत्त्व में एक टीम ने बुधवार को बड़कागांव के एनटीपीसी के कोल प्रोजेक्ट एरिया के रैयत-विस्थापित गांव का दौरा किया. टीम ने रैयतों-विस्थापितों से उनके सुख-दुख की जानकारी ली.

रैयतों ने बताया कि हमलोग विकास के नाम पर अपने ही राज्य में अपने सरकार की तरफ से चौतरफा अत्याचार के शिकार हो रहे हैं. विकास के नाम पर विनाश का तांडव किया जा रहा है. हमलोगों की जमीन जबरदस्ती लूटी जा रही है.

हालात यह हो गई है कि हमलोग जान-जमीन लुटवा कर भी न्याय से वंचित किये जा रहे हैं. स्थानीय प्रशासन जिला न्यायालय के निर्देशों तक का पालन नही करती है. कोयला परिवहन के नाम पर लगातार मौतें हो रही है और हम रैयत लगातार इस विनाशलीला को झेल अपनी बर्बादी का इंतजार कर रहे हैं.

रैयतों ने मानवाधिकार टीम को बताया कि एनटीपीसी,पुलिस-प्रशासन की मिली भगत से रैयतों पर दो बार गोलियां चली हैं. जिसमें चार लोगों की मौत हो चुकी है. दोषियों पर कार्रवाई के लिए अदालत में मामला दर्ज भी कराया गया. अदालत ने कार्रवाई करने का आदेश भी दिया, बावजूद कार्रवाई नहीं हुई.

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