केरेडारी : केरेडारी प्रखंड के चट्टी पेटो गांव निवासी रामचंद्र राम रोजगार की तलाश में दर-दर भटक रहा है. रामचंद्र शारीरिक रूप से दिव्यांग है. वह चल-फिर नहीं सकता है. एक ओर लाचार शरीर और दूसरी ओर बेरोजगारी, इस स्थिति में वह बच्चों एवं परिवार का भरण पोषण करने में असमर्थ है. उसने बीए तक की पढ़ाई की है.
उसके परिवार में पत्नी समेत दो बच्चे हैं. शरीर की लाचारी के कारण वह मजदूरी नहीं कर पा रहा है. इन्होंने प्रशासन को पत्र लिख कर परिवार एवं बच्चों के भविष्य सुधारने के लिए आर्थिक मदद की मांग की है. रामचंद्र राम (पिता-स्व गोपाल राम) ने 15 अप्रैल 2017 को भी लिखित आवेदन हजारीबाग डीसी को दिया था.
विकलांग कोटे से जनवितरण प्रणाली की दुकान की गुहार लगायी थी, लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं बरती. फिलहाल दिव्यांग तंगहाली का जीवन जीने को विवश है.
