बड़कागांव : दहेज की प्रताड़ना से तंग आकर विवाहिता ने जहर खाकर की आत्महत्या

बड़कागांव: बड़कागांव थाना क्षेत्र के बादम पंचायत के टोला मोहलिया में ससुराल वालों के द्वारा दहेज प्रताड़ना से तंग आकर 21 वर्षीय रुकैया परवीन ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली. यह मामला गुरुवार की रात 9:30 बजे की है. इस संबंध में इसकी सूचना मृतका के मायके वालों को बादम के रिश्तेदारों ने मोबाइल पर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 22, 2017 3:15 PM

बड़कागांव: बड़कागांव थाना क्षेत्र के बादम पंचायत के टोला मोहलिया में ससुराल वालों के द्वारा दहेज प्रताड़ना से तंग आकर 21 वर्षीय रुकैया परवीन ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली. यह मामला गुरुवार की रात 9:30 बजे की है. इस संबंध में इसकी सूचना मृतका के मायके वालों को बादम के रिश्तेदारों ने मोबाइल पर सूचना दी . तत्पश्चात मृतका के पिता, मां समेत अन्य परिजन आकर थाना में मामला दर्ज कराया. इस संबंध में मृतका के पिता मोहम्मद अख्तर अंसारी ने बड़कागांव थाना में आवेदन देते हुए बताया कि बादम निवासी मोहम्मद सदीक अंसारी (पिता मोहम्मद मिनहाज) विवाह 2014 में रुकैया परवीन, पिता – मोहम्मद अख्तर अंसारी के साथ हुआ था.

शादी मुसलिम रीति रिवाज के साथ हुआ था. मेहर में 35000 रुपये , इसके अतिरिक्त 54000 रुपया दहेज लड़का पक्ष को दिया गया था . लेकिन शादी के 3-4 माह के बाद से ही जमीन एवं दहेज मांगने को लेकर पति मोहम्मद सादिक द्वारा मारपीट एवं प्रताड़ित किया जाने लगा. इस संबंध में बादम में ही दो- तीन बार पंचायत की गई. इसके बावजूद भी मारपीट व प्रताड़ना बंद नहीं हुआ. इसी से तंग आकर रुकैया परवीन ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली. रुकैया परवीन के दो बच्चे हैं. जिनमें से 3 साल का पुत्र मोहम्मद अनस एवं 11 माह की पुत्री आरजू है . दोनों बच्चे बड़कागांव में अपने परिजनों के साथ आये हुए थे. बड़कागांव थाना में मृतका के पिता मोहम्मद अख्तर बयान के पर रुकैया पर प्रताड़ना करने का आरोप पति मोहम्मद सादिक अंसारी ,सास हमीदा, ननद तबस्सुम ,शब्बा, देवर आदिम ,जाहिद ,ननदोसी हबीब पर लगाया गया है. फिलहाल आरोपी पुलिस की पकड़ से फरार थे. घटनास्थल पर बड़कागांव थाना प्रभारी अकील अहमद अपने पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर घटना स्थल की जानकारी ली. समाचार लिखे जाने तक पुलिस गहन छानबीन कर रही थी.
उठो ममा…
11 माह की पुत्री आरजू अपने मरी हुई माता रुकैया परवीन को सोए हुए समझकर बारंबार अपने हाथ से माथे में पकड़ कर उठा रही थी. यह देख कर लोग काफी भावुक हो उठे. वही 3 वर्षीय पुत्र अनस भी अपनी बहन के साथ मां को उठने का इंतजार कर रहा था. अगल- बगल में परिजन रो रहे थे लेकिन बच्चे इन सब से बेजान थे .