हजारीबाग: शराब की सरकारी दुकान खुलते ही काउंटर पर भीड़ लगनी शुरू हो गयी है. उत्पाद विभाग के सिपाही शराब दुकान के काउंटर से शराब की बिक्री कर रहे हैं. पूरे जिले में 14 शराब दुकानों को दो अगस्त को खोला गया. जिले में 28 विदेशी, देसी और कंपोजिट शराब दुकान खोलने की सरकार की योजना है. शराब की दुकान के संचालन व विधि व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन की ओर से कनीय अभियंता, पशु चिकित्सा पदाधिकारी, सहकारिता पदाधिकारी, बाजार समिति के पणन पदाधिकारी सहित कई सुपरवाइजर स्तर के कर्मचारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है. ये पदाधिकारी शराब की बिक्री का लेखा-जोखा रखेंगे.
दोपहर को खुलेगी शराब की दुकान: शहरी क्षेत्र में दोपहर एक से चार बजे तक और शाम पांच बजे से रात्रि 10 बजे तक सरकारी शराब दुकान खुली रहेगी. शाम चार से पांच बजे तक दुकानदारों को एक घंटे का ब्रेक मिलेगा. इस दौरान शराब की बिक्री नहीं होगी. ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की दुकान दोपहर 12 बजे से आठ बजे तक लगातार खुली रहेगी. निर्धारित अवधि के बाद या पहले शराब दुकान खोलना दंडनीय अपराध होगा. दुकानदार संचालक को सभी शराब ग्राहकों को कैसमेमो देना अनिवार्य है.
सेल्समैन नियुक्त: सरकारी शराब दुकानों में शराब बेचने की जिम्मेवारी झारखंड राज्य विबरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड कंपनी को दी गयी है. इन दुकानों में फ्रंट लाइन बिलनेश सॉलूशन प्राइवेट लिमिटेड और स्वमुख कंपनी इंजीनियरिंग एंड कंस्लटेंट सर्विस लिमिटेड के कर्मी शराब बेच रहे हैं. पूरे जिले में इन दोनों कंपनियों ने 56 सेल्समैन रखे हैं. फ्रंट लाइन के 70 प्रतिशत और स्वमुख कंपनी के 30 प्रतिशत सेल्समैन हैं.
विवाद के कारण दो दुकानें नहीं खुली: मालवीय मार्ग विदेशी शराब दुकान संख्या दो में शहरवासियों के विरोध के कारण शराब दुकान नहीं खुल पायी. एक अगस्त को इस शराब दुकान खोले जाने पर आसपास की महिलाओं ने विरोध किया था. जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझाया गया. शराब बेच रही कंपनी ने निर्णय लिया है कि इस स्थल पर शराब दुकान नहीं खुलेगी. झुमरा स्थित शराब दुकान में एकरारनामाकर्ता और घर के मालिक के विवाद के कारण यहां भी दुकान नहीं खुली. सरकारी दुकान संचालक ने इस दुकान से शराब मंगवा लिया. नगवां शराब दुकान टीचर और खपरैल करकट सीट का मकान होने की वजह से दुकान नहीं खोली गयी.
थाने में जमा होगी राशि : ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी शराब दुकानों में प्रतिदिन के सेल की राशि थाने में जमा होगी. शहरी क्षेत्र की दुकानों की राशि ट्रेजरी में जमा होगी. दूसरे दिन पुलिस व सुपरवाइजर की उपस्थिति में राशि बैंक में जमा की जायेगी. एक अगस्त को करीब दो लाख रुपये की बिक्री पांच दुकानों से हुई. सभी शराब दुकानों से पैसे को जमा करने के लिए जिला प्रशासन से सुपरवाइजर नियुक्त किया है.
शराब खरीदने की अधिकतम सीमा
सरकार की ओर से शराब खरीदने की सीमा सीमा निर्धारित की गयी है. निर्धारित सीमा से अधिक शराब किसी को नहीं दी जायेगी. एक व्यक्ति देसी शराब की अधिकतम छह पाउच, विदेशी शराब अधिकतम चार बोतल और बियर आठ बोतल तक ही खरीद सकते हैं. 21 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को शराब बेचना निषेध है. यदि दुकानदार को उम्र को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा होती है, तो ग्राहक से उम्र प्रमाणित करनेवाले पहचान पत्र की मांग कर सकता है.
कहां-कहां खुली दुकानें
हजारीबाग जिले में प्रथम चरण में 17 दुकानें खोलने की योजना है. 14 दुकान दो अगस्त तक खुल गये. शहर के झिंझरिया पुल, मटवारी, झिंझरिया पुल कंपोजिट, ग्रामीण क्षेत्र में बड़कागांव में देशी शराब, केरेडारी, बडकागांव में विदेशी शराब, विष्णुगढ़ में कंपोजिट, इचाक, कटकमसांडी, चरही, रैलीगढ़ा, चौपारण, करियातपुर व रसोइया धमना में दुकानें खोली गयी हैं.
सभी शराब दुकानों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किये गये हैं. खुली दुकानों का लगातार निरीक्षण हो रहा है. विधि व्यवस्था के लिए संबंधित थानों को निर्देश दिये गये हैं.
सुरेंद्र वर्मा, एसडीओ
