दुआरी गांव में एक साथ उठी मां व बेटी की अर्थी

गिद्धौर. प्रखंड के दुआरी गांव से रविवार को एक साथ मां व बेटी की अर्थी घर से निकली. इसे देख सभी के आंख नम थी. बलबल नदी के किनारे दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया. शव यात्रा में काफी संख्या में लोग शामिल हुए. जानकारी के अनुसार शनिवार की देर शाम पहले मां […]

गिद्धौर. प्रखंड के दुआरी गांव से रविवार को एक साथ मां व बेटी की अर्थी घर से निकली. इसे देख सभी के आंख नम थी. बलबल नदी के किनारे दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया. शव यात्रा में काफी संख्या में लोग शामिल हुए. जानकारी के अनुसार शनिवार की देर शाम पहले मां गंगिया देवी (85) की मौत हृदय गति रुकने से हो गयी. ठीक एक घंटे बाद बेटी गीता देवी अपनी मां की मौत का सदमा बरदाश्त नहीं कर पायी और उसने दम तोड़ दिया. गीता की उम्र 50 वर्ष बतायी जाती है.

ग्रामीणों के अनुसार गंगिया देवी पिछले 35-40 वर्षों से मां बागेश्वरी मंदिर बलबल आकर प्रतिदिन पूजा करती थी. इससे उनकी पहचान पुजारिन मां के रूप में हो गयी थी. गांव वाले उन्हें पुजारिन मां के नाम से बुलाते थे. हर रोज वह अहले सुबह ही मां बागेश्वरी मंदिर पहुंच जाती थी. पूजा करने के बाद पूरा दिन मंदिर में ही रहती थी. शनिवार को पूजा के बाद वे अपने घर लौटी. जहां उनकी मृत्यु हो गयी.

गांव वालों ने पुजारिन मां व बेटी का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया. मौके पर कलयुग गोप, काली गोप, बालेश्वर यादव, सुरेश यादव, जगदीश यादव, सुरेश दांगी, प्रभु यादव, तुलसी यादव, फलेंद्र गुप्ता, सतीश गिरी, संजय राणा, शंभु राणा, जगमन प्रजापति, बोधा साव, रतन गुप्ता, रामदेव गोप, अर्जुन यादव, डम्मर साव आदि ने अहम भूमिका निभायी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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