शुभलक्ष्मी की उपलब्धि : शुभलक्ष्मी ने इंडिया टीम के अलावा जिला, राज्य व भारतीय रेलवे के लिए खेला. वह पहली महिला खिलाड़ी हैं, जिसे प्रसिद्ध खेल पत्रिका स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड के कवर पर जगह मिली. हजारीबाग जिला प्रशासन के स्वच्छ भारत अभियान की ब्रांड एंबेसडर है. तीन साल से जूता बनानेवाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी नाइक की ब्रांड एंबेसडर हैं.
देश-दुनिया में पहचान बना रही हैं झारखंड की ''छोरियां''
हजारीबाग: हजारीबाग की शुभलक्ष्मी शर्मा राष्ट्रीय महिला क्रिकेट में पहचान बनाने के बाद अब युवा खिलाड़ियों को जागरूक कर रही हैं. वह चाहती हैं कि लड़कियां क्रिकेट खेलें व झारखंड का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करे. इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दे रही हैं. प्रभात खबर संवाददाता ने दूरभाष पर शुभलक्ष्मी से बातचीत […]

हजारीबाग: हजारीबाग की शुभलक्ष्मी शर्मा राष्ट्रीय महिला क्रिकेट में पहचान बनाने के बाद अब युवा खिलाड़ियों को जागरूक कर रही हैं. वह चाहती हैं कि लड़कियां क्रिकेट खेलें व झारखंड का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करे. इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दे रही हैं. प्रभात खबर संवाददाता ने दूरभाष पर शुभलक्ष्मी से बातचीत की. फिलहाल वह दिल्ली में है और रेलवे में नौकरी भी कर रही है.
शुभलक्ष्मी का संघर्ष : हजारीबाग की शुभलक्ष्मी ने क्रिकेट खेलना शुरू किया, तो समाज और परिवार को काफी समझाना पड़ा कि लड़कियां भी क्रिकेट खेल सकती हैं. क्रिकेटर बनने की उसकी कोशिशों में उसके भाइयों ने मदद की और भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा भी चार वर्षों तक रही. वर्ष 2005 में जमशेदपुर में जब महिला टीम के लिए चयन का ट्रायल चल रहा था, तब परिवार के लोगों ने उसे रोक दिया, लेकिन भाइयों ने मदद की और उसे जमशेदपुर पहुंचाया. इसके बाद शुभलक्ष्मी ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा.