स्कूली बच्चों तक नहीं पहुंच पा रही है पत्रिका की प्रति

हजारीबाग: बच्चों को मिलनेवाली मासिक पत्रिका पंख सरकारी विद्यालयों तक नहीं पहुंच रही है. हजारों बंडल पत्रिका झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय में धूल फांक रही है. फरवरी से अप्रैल तक की पत्रिका विद्यालय नहीं पहुंच पायी है. बच्चों को सरकार की इस सार्थक पहल का लाभ नहीं मिल पा रहा है. क्या है योजना: झारखंड […]

हजारीबाग: बच्चों को मिलनेवाली मासिक पत्रिका पंख सरकारी विद्यालयों तक नहीं पहुंच रही है. हजारों बंडल पत्रिका झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय में धूल फांक रही है. फरवरी से अप्रैल तक की पत्रिका विद्यालय नहीं पहुंच पायी है. बच्चों को सरकार की इस सार्थक पहल का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

क्या है योजना: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से सरकारी विद्यालयों में शिक्षा को रोचक बनाने के लिये मासिक पत्रिका पंख की शुरुआत की गयी है. इसके तहत प्रत्येक विद्यालयों को दस-दस प्रति पत्रिका देनी है. पत्रिका में विभिन्न विषयों के अलावा झारखंड एवं भारत के महापुरुषों की जीवनी, पर्यावरण संबंधी जानकारी, पर्व-त्योहार, प्रेरक कहानियां, खेलकूद प्रश्नोत्तरी, दिमागी कसरत, बाल निबंध, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साहसिक कहानियां सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करायी गयी हैं.

16 हजार पत्रिका मिलती है: परियोजना कार्यालय को हर माह लगभग 16 हजार पंख पत्रिका की कॉपी प्राप्त होती है. प्रत्येक माह के पहले सप्ताह में पत्रिका का आवंटन हो जाता है. इसके बावजूद विद्यालयों तक समय पर पत्रिका नहीं उपलब्ध नहीं हो रही है. बच्चे पत्रिका पढ़ने से वंचित हो जा रहे हैं. पत्रिका को स्कूलों तक पहुंचाना बीइइओ की जिम्मेवारी है.

क्या कहते हैं अधिकारी

स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा को लेकर कई कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. इसमें पत्रिका का वितरण नियमित रूप से किया जाना है.

आइबी सिंह, जिला शिक्षा अधीक्षक

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