छात्रों के लिए खुशखबरीः गुरुजी क्रेडिट कार्ड से अब पढ़ाई होगी आसान, 5% मार्जिन मनी का प्रावधान खत्म

गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना को अब और भी छात्र-अनुकूल बना दिया गया है. चार लाख रुपये से अधिक के ऋण पर पांच प्रतिशत मार्जिन मनी की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है. साथ ही, पहले जमा की गई फीस के एकमुश्त रिफंड की व्यवस्था भी की गई है, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी.

Guruji Credit Card Scheme: राज्य कैबिनेट ने शिक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और नवाचार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. छात्रहित में गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना को और सरल बनाते हुए ऋण पर पांच प्रतिशत मार्जिन मनी की बाध्यता समाप्त कर दी गई है. इससे विद्यार्थियों को अधिकतम ऋण सहायता मिल सकेगी और उच्च शिक्षा के लिए उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी.

चार लाख से अधिक के ऋण पर नहीं लगेगी मार्जिन मनी

सरकार ने गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना में छात्रहित में बड़ा संशोधन करते हुए चार लाख रुपए से अधिक के ऋण पर लागू पांच प्रतिशत मार्जिन मनी का प्रावधान समाप्त कर दिया है. इससे विद्यार्थियों को ऋण की पूरी पात्र राशि उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. सरकार का मानना है कि इस बदलाव से उच्च शिक्षा के लिए ऋण लेने वाले विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ कम होगा.

पहले जमा फीस का भी मिलेगा एकमुश्त रिफंड

शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया 10 से 15 दिनों में पूरी हो जाने के बाद बैंक से ऋण वितरण में समय लगने के कारण विद्यार्थियों को कई बार प्रथम सेमेस्टर या प्रथम वर्ष की फीस अपनी जेब से जमा करनी पड़ती थी. पहले ऐसी फीस के रिफंड का स्पष्ट प्रावधान नहीं था. अब सरकार ने इसमें भी संशोधन कर दिया है. इसके तहत विद्यार्थी द्वारा पहले जमा की गई फीस की एकमुश्त वापसी की व्यवस्था की गई है. फीस रिफंड के लिए वेब पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा. संबंधित बैंक या ऋणदाता संस्था द्वारा सत्यापन और स्वीकृति के बाद राशि विद्यार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी.

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केंद्रीय विश्वविद्यालयों को भी योजना में शामिल किया गया

गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के दायरे का भी विस्तार किया गया है. अब भारत सरकार द्वारा अधिसूचित सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को योजना में शामिल किया गया है. इसके अलावा साउथ एशिया यूनिवर्सिटी, नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी, इंडियन मेरीटाइम यूनिवर्सिटी और राजीव गांधी नेशनल एविएशन यूनिवर्सिटी समेत अन्य पात्र संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा.

विद्यार्थियों और अभिभावकों को मिलेगी राहत

सरकार का मानना है कि संशोधित योजना से प्रवेश के समय विद्यार्थियों को तत्काल वित्तीय राहत मिलेगी. ऋण सहायता की वास्तविक उपलब्धता बढ़ेगी और अभिभावकों पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम होगा. राष्ट्रीय और केंद्रीय संस्थानों में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए राज्य के विद्यार्थियों की पहुंच भी बढ़ेगी. सरकार के अनुसार, इन बदलावों के बाद गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना अधिक सरल, छात्र केंद्रित और प्रभावी बनेगी.

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लेखक के बारे में

By अर्चना कुजूर

अर्चना कुजूर एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जो वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कार्यरत हैं. वह झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के साथ-साथ राज्य की प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को कवर करती हैं. अर्चना ने वर्ष 2016 में क्राफ्ट फिल्म स्कूल, रोहिणी (नई दिल्ली) से टीवी जर्नलिज्म एंड न्यूज रीडिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा किया. इसके बाद उन्होंने नोएडा स्थित नेशनल वॉयस न्यूज और इंडिया वॉयस न्यूज चैनल (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) में इंटर्नशिप करने के साथ-साथ व्यावहारिक पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया.

झारखंड लौटने के बाद उन्होंने कशिश न्यूज चैनल में लगभग डेढ़ वर्ष तक आउटपुट विभाग में कॉपी राइटर के रूप में कार्य किया. इसके बाद रांची एक्सप्रेस में एजुकेशन बीट पर रिपोर्टिंग की और प्रिंट पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया. वर्ष 2022 से उन्होंने न्यूज11 भारत और नक्षत्र न्यूज चैनल में लगभग दो-दो वर्षों तक डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए राज्य की राजनीति, शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, योजनाओं और समसामयिक विषयों पर हजारों समाचार और विशेष लेख लिखें.

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