रायडीह (गुमला). रायडीह प्रखंड के कुड़ोछतरपुर पंचायत के राजस्व ग्राम स्थित सामुदायिक भवन में चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट (सिनी) की ओर से जलवायु परिवर्तन को लेकर महिलाओं के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों, इसके प्रभाव और स्थानीय स्तर पर इससे निपटने के उपायों पर चर्चा की गयी.
महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा असर
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को बताया गया कि बदलते मौसम, बढ़ती गर्मी और अनियमित बारिश का असर लोगों के स्वास्थ्य, पोषण, अर्थव्यवस्था और स्वच्छता पर पड़ रहा है. इसका सबसे ज्यादा प्रभाव महिलाओं और बच्चों पर पड़ सकता है.
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उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल
महिलाओं को जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले बदलावों और उनसे बचाव के तरीकों की जानकारी दी गयी. साथ ही स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खुद को बदलने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के उपायों पर भी चर्चा की गयी.
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प्रयासों से कम किया जा सकता है असर
कार्यक्रम में कहा गया कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए केवल बड़े स्तर पर प्रयास जरूरी नहीं हैं. गांव स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास और सामूहिक भागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. महिलाओं से पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की गयी.
कार्यक्रम में खुर्शीद आलम, राखी कुमारी, सरोज देवी, दिव्या उरांव और करिश्मा प्रवीण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं.
