घाघरा. संगम बैंक्वेट हॉल में ऑल बॉक्साइट माइंस जनाधिकार संघर्ष समिति की बैठक हुई. बैठक में पुनः आंदोलन को धारदार बनाने को लेकर चर्चा की गयी. समिति के अध्यक्ष राजीव उरांव ने कहा कि बीते मार्च महीने में बिमरला क्षेत्र में मूलभूत सुविधा से संबंधित 18 सूत्री मांगों को लेकर दो से आठ मार्च तक बिमरला परिवहन कार्य बंद किया गया था. इसके बाद बीते नौ मार्च को एसडीओ, एसडीपीओ व कंपनी के प्रबंधन द्वारा घाघरा थाना परिसर में बैठक की गयी थी. इसमें सकारात्मक पहल दिखाते हुए कंपनी के प्रबंधन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, रोजगार व स्टेडियम जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर समिति से बैठक करने की बात 24 मार्च को ही कही गयी थी. इसके बाद आंदोलन को रोक दिया गया था. लेकिन कंपनी द्वारा कोई बैठक नहीं की गयी. सिर्फ ठगने का काम हिंडालको प्रबंधन द्वारा किया गया. इस क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को अनदेखी कंपनी द्वारा किया जा रहा है और यहां के लोगों को शोषण किया जा रहा है. कंपनी के इस उदासीन रवैया के खिलाफ पुनः आंदोलन तेज की जा रही है, जिसको लेकर 20 अप्रैल से बिमरला खनन व परिवहन कार्य बंद किया जायेगा. मौके पर समिति के संरक्षक शिवकुमार भगत टुनटुन, अध्यक्ष राजीव उरांव, सचिव विनोद राम, नयमुल खान, सचिन साहू, महावीर गोप, भोला गोप, छोटू महतो, रूबेन किंडो, पवन महली, विजय महतो व सोमनाथ उरांव मौजूद थे.
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