गुमला. गुमला शहर में सड़क व नाली निर्माण की ईमानदारी से जांच हुई, तो नगर परिषद के ईओ से लेकर इंजीनियर तक फंसेंगे. यह आरोप पूर्व जिला परिषद सदस्य हंदु भगत ने लगाया है. उन्होंने कहा कि टेंडर के बाद सड़क व नाली निर्माण में बड़ा घोटाला हुआ है. इस बात की जानकारी विभाग को भी है. उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार भी इसमें फंसे हुए हैं. यही वजह है कि मामले को दबाने का प्रयास हो रहा है. इसमें कई लोगों की भूमिका संदेह के घेरे में है.
जांच से डर रहा प्रशासन : हंदु भगत
हंदु भगत ने कहा कि अगर ईमानदार अधिकारी से नगर परिषद के कारनामों की जांच करायी गयी, तो कई लोग जेल जायेंगे. लेकिन यहां जांच हो तब न. उन्होंने कहा कि जिले के बड़े अधिकारी भी नगर परिषद के मामले के बाद डरे हुए हैं. इसलिए वे जांच कराने को तैयार नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि गुमला शहर को लूट का अड्डा नहीं बनाया जाना चाहिए. जनता से टैक्स वसूला जाता है और उस टैक्स का सदुपयोग होना चाहिए. लेकिन यहां टैक्स के पैसे की इस प्रकार बंदरबांट की गयी है कि अधिकारी डेढ़ साल में ही मालामाल हो गये और अब गुमला से बदली कराने में लगे हुए हैं, ताकि गुमला शहर में हुए घपले-घोटाले से बच सकें.
डीएसपी रोड को लेकर भी उठाये सवाल
हंदु भगत ने गुमला शहर के चर्चित डीएसपी रोड की नाली व सड़क पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि डीएसपी रोड को यहां के अधिकारी कामधेनु बना लिये हैं. हर साल छोटी-छोटी योजना लेकर पैसों का बंदरबांट आम बात है.
उन्होंने कहा कि बारिश के समय नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के कहने पर 1.30 लाख रुपये में सड़क की मरम्मत हुई. लेकिन एक ही रात में सड़क बनते ही टूट गयी. इसकी जांच अब तक पेंडिंग है.
नाली निर्माण से पहले प्लान बनाने की जरूरत
हंदु भगत ने कहा कि अभी डीएसपी रोड के एक छोर पर नाली बनाने की तैयारी चल रही है. लेकिन जब तक यहां प्लान के तहत काम नहीं होगा, डीएसपी रोड में जलजमाव की समस्या दूर नहीं होगी.
उन्होंने कहा कि अगर ईमानदारी से इंजीनियर व ठेकेदार यहां काम करें, तो निश्चित रूप से डीएसपी रोड की नाली व सड़क की समस्या दूर हो सकती है. यहां कलवर्ट भी बनाने की जरूरत है.
कई पदों पर बैठे कर्मियों पर उठाये सवाल
श्री भगत ने कहा कि नगर परिषद में ईओ, सिटी मैनेजर, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता से लेकर शहर के विकास के लिए प्लान बनाने वाले कई कर्मी हैं. लेकिन सभी लोग काम में फेल हैं. पद और पावर का उपयोग जनता व शहर के विकास के बजाय खुद के विकास में कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि अब इंतजार है कि नगर परिषद के कारनामों की जांच कब होगी.
