: सिसई, भदौली, लकेया व कुदरा पंचायत के 26 सौ कनेक्शनधारियों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
केवल 30 हजार के फंडिंग से पानी आपूर्ति सुचारू हो सकती है3 गुम 9 में जलमीनार से नहीं मिल रहा पानी
3 गुम 10, 11, 12 व 13 में ग्रामीण कुछ दूषित पानी, तो कुछ खरीदकर प्यास बुझा रहे हैंप्रतिनिधि, सिसई
पानी समिति की निष्क्रियता व लापरवाही के कारण दो माह से प्रखंड मुख्यालय स्थित पानी टंकी से पानी आपूर्ति ठप है. जिससे सिसई, भदौली, लकेया व कुदरा पंचायत के 26 सौ कनेक्शनधारियों को पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मजबूरन कुछ लोग बरसात के दिनों में कुआं का दूषित पानी पी रहे हैं. तो कुछ लोग खरीदकर अपनी प्यास बुझाने को विवश हैं. जानकारी के अनुसार महज 30 हजार के फंडिंग से पानी आपूर्ति सुचारू हो सकती है. किंतु समिति के लोगों की निष्क्रियता के कारण हजारों लोगों को शुद्ध पेयजल से वंचित रहना पड़ रहा है. ज्ञात हो कि वर्तमान में पानी समिति का अध्यक्ष सिसई पंचायत की मुखिया शकुंतला देवी है और कुदरा पंचायत मुखिया प्रकाश उरांव, भदौली पंचायत मुखिया अलबिना देवी, लकेया पंचायत मुखिया सुगिया देवी व इन पंचायत के जल सहिया समिति के सदस्य हैं. इनका दायित्व पानी टंकी का रखरखाव, सुचारू पानी आपूर्ति करना व कनेक्शन धारियों से बिल वसूली कर ऑपरेटरों को मानदेय भुगतान करने के साथ पानी साफ करने वाला ईलम, ब्लीचिंग, चूना आदि उपलब्ध करते हुए मशीनों में आने वाली तकनीकी खराबियों को ठीक करना है. किंतु समिति गठन के बाद से ही इनके द्वारा पानी टंकी संबंधित समस्याओं को लेकर अब तक एक भी बैठक नहीं की गयी है. न ही इन जिम्मेदार लोग समस्या समाधान की दिशा में कोई पहल की है. मानदेय नहीं मिलने के बाद भी काम कर रहे हैं ऑपरेटर ऑपरेटर मकीर अंसारी, मनोज उरांव, दीपक कुमार गोप व महेंद्र लोहरा बताते हैं कि समिति गठन के बाद से ही सभी जिम्मेदार लोग निष्क्रिय हो गये. गत छह साल में समिति की एक भी बैठक नहीं हुई है. समिति द्वारा बिल भी नहीं वसूला गया. फंड के अभाव में आपूर्ति व्यवस्था ठप है. चारों ऑपरेटरों को पिछले छह साल से एक भी मानदेय नहीं मिलने के बाद भी ये लोग काम कर रहे हैं. वर्तमान में एक मोटर स्टार्टर खराब है. पानी साफ करने वाला ईलम, ब्लीचिंग व चूना भी नही है. स्टार्टर में करीब 15 हजार का खर्च है. 30 हजार का ईलम ब्लीचिंग व चूना आता है. जो सात से आठ माह चल जाता है. 50 हजार की फंडिंग में सात से आठ माह टंकी से पानी आपूर्ति हो सकती है.आम पब्लिक ने कहा : पानी दें प्रशासन
इस संबंध में झारखंड आंदोलनकारी मनोज वर्मा ने कहा कि चारों पंचायत में 26 सौ कनेक्शनधारी है. प्रति माह एक कनेक्शन से 62 रुपया बिल वसूली करना है. सही तरीके से बिल वसूली करने से प्रति माह डेढ़ लाख से अधिक रुपया फंड में आ सकता है और आपरेटरों को मानदेय के साथ 26 सौ परिवार को नियमित शुद्ध पेयजल मिल सकता है. सुनील भगत ने कहा गैर जिम्मेदाराना निष्क्रिय जनप्रतिनिधियों को समिति से हटाकर जिम्मेवार लोगों का समिति गठन हो. सदर सलमान अली ने कहा कि पानी समिति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. सदर सलमान अली व रोहित शर्मा ने कहा है कि पानी समिति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. जल प्रबंधन में सुधार करना चाहिए. सुचारू व नियमित पानी आपूर्ति मिलने से उपभोगता बिल भुगतान अवश्य करेंगे. इसके बाद भी समिति के लोग नहीं चेतते हैं, तो पानी को लेकर बड़ा आंदोलन किया जायेगा.
फंड उपलब्ध नहीं कराया गयातत्कालीन डीसी कर्ण सत्यार्थी ने 15वें वित्त आयोग के फंड से जलमीनार की मरमत कराकरा पानी आपूर्ति कराने का निर्देश प्रखंड कार्यालय को दिये थे. इस निमित बीडीओ ने पत्र जारी कर चारों मुखियाओं से फंड की मांग की थी. किंतु मुखियाओं ने फंड देने में तकनीकी दिक्कत का हवाला देकर फंड देने में असमर्थता जतायी है. जिसके बाद पंचायत समिति सदस्यों से फंड की व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है.
मुखिया व जल सहिया का कोई सहयोग नहीं मिल रहा : इंजीनियर
पीएचइडी जूनियर इंजीनियर रतन खलखो ने कहा कि जल कर (बिल) वसूली नहीं होने के करण फंड की कमी है. पानी समिति के चारों मुखिया व जल सहिया का कोई सहयोग नहीं मिल रहा है. फंड की कमी से मशीन की मरम्मत नहीं हो पा रही है. केमिकल का भी अभाव है. समिति के लोग सक्रिय रहते तो फंड की कमी नहीं होती.
अभी कुछ तकनीकी कारणों से पानी सप्लाई बंद है. फंड की व्यवस्था करायी जा रही है. जल्द पेयजल की आपूर्ति शुरू कर दिया जायेगा. रमेश कुमार यादव, बीडीओडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
