धधकते अंगारों पर नंगे पांव चल की सुख-समृद्धि की कामना

हापामुनि गांव में दिखा भक्ति और परंपरा का संगम, मंडा मेला का हुआ समापन

घाघरा. घाघरा प्रखंड के ऐतिहासिक हापामुनि गांव में आयोजित पांच दिवसीय प्रसिद्ध मंडा मेला का समापन पारंपरिक भोक्ता झूलन के साथ श्रद्धा व उत्साह के साथ संपन्न हुआ. इस अनूठे आयोजन को देखने के लिए आसपास के गांवों के साथ-साथ कई जिलों से हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. आयोजन के दौरान क्षेत्र शिवमय बना रहा और हर ओर भक्ति का वातावरण देखने को मिला. समापन की पूर्व संध्या पर आयोजित फूल खूंदी कार्यक्रम श्रद्धा व आस्था की अद्भुत मिसाल बना. इसमें श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी अटूट भक्ति का परिचय देते हुए धधकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की. इस साहसिक दृश्य ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया. मेले के अंतिम दिन भोक्ता झूलन मुख्य आकर्षण रहा. इस दौरान भोक्ता बांस से बनी ऊंची ठठरी (मचान) पर चढ़ कर कमर में रस्सी बांध झूलते हुए नीचे खड़े श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा करते रहे. श्रद्धालुओं ने इन पुष्पों को महादेव के प्रसाद के रूप में श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया. पांच दिनों तक चले इस महोत्सव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने क्षेत्र की समृद्ध परंपरा को जीवंत कर दिया. स्थानीय प्रबुद्धजनों के अनुसार मंडा मेला वर्षों पुरानी आस्था का प्रतीक है, जो समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे को सुदृढ़ करता है. आयोजन समिति ने मेले के सफल संचालन में सहयोग देने वाले सभी लोगों और प्रखंड प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर प्रो अवध मनी पाठक समेत कई गणमान्य लोग और सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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