गुमलाः बसिया प्रखंड के तुकई-तानालोया रोड की जर्जर स्थिति को लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. कीचड़ से लथपथ सड़क पर वाहनों के फंसने और पैदल आवागमन में हो रही परेशानी से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपनी कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की.
ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क से हजारों लोगों के साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों का रोजाना आवागमन होता है. इसके बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत या निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई. कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला. ग्रामीण ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि नेताओं के वादों और अधिकारियों की उपेक्षा से लोग निराश हैं. इस बार सड़क की हालत और खराब हो गई है. जगह-जगह कीचड़ भर गया है, जिससे केवल ट्रैक्टर या बड़े चारपहिया वाहन ही किसी तरह गुजर पा रहे हैं. दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए रास्ता पूरी तरह कठिन हो गया है.
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली से परेशान होकर कई गांवों के लोग एकजुट हुए और सड़क की जुताई कर उसमें धान की रोपनी कर विरोध दर्ज कराया. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो आने वाले चुनाव में "रोड नहीं तो वोट नहीं" का निर्णय लिया जाएगा. जनजाति सुरक्षा मंच गुमला के जिला संयोजक दिनेश लकड़ा ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्य संतोषजनक नहीं हैं. उनका आरोप है कि चुनाव के समय नेता सक्रिय रहते हैं, लेकिन बाद में ग्रामीणों की समस्याओं की अनदेखी की जाती है.
ग्रामीण अवधेश सिंह ने कहा कि इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग 500 से अधिक छात्र-छात्राएं गुजरते हैं. सड़क की खराब स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है, यह समझ नहीं आ रहा. न प्रशासन सुन रहा है और न ही जनप्रतिनिधि. उन्होंने कहा कि मजबूरी में ग्रामीणों को सड़क पर धान लगाकर विरोध करना पड़ा. उदय तत्वा ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों ग्रामीण और विद्यार्थी आवागमन करते हैं. वर्तमान स्थिति में सड़क पैदल चलने लायक भी नहीं है. कई बार बीमारों को ले जा रही एंबुलेंस भी कीचड़ में फंस जाती है. इस सड़क की बदहाली से करीब 10 गांव प्रभावित हैं.
ग्रामीण बिंदेश कच्छप, जॉन, अमरजीत बड़ा, विजय भगत, इग्नेश सोरेंग, रमेश सिंह, अभिनव सिंह और चंद्रकांत उरांव ने प्रशासन से गांव आकर सड़क की स्थिति का निरीक्षण करने और जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की. विरोध प्रदर्शन में दिनेश सिंह, अगुस्टीन, अविनाश सिंह, नारायण भगत, संजय सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली बच्चे शामिल हुए.
