सिसई,गुमला: सिसई प्रखंड में प्रधानाध्यापकों और सीआरपी-बीआरसी की ओर से यू-डायस पोर्टल के कार्य में लापरवाही सामने आयी है. इसका खुलासा प्रखंड संसाधन केंद्र सिसई की ओर से 27 अगस्त को जारी पत्रांक 149 से हुआ है. मामले को गंभीरता से लेते हुए बीआरसी ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और सीआरपी-बीआरपी से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है.
जारी पत्र में कहा गया है कि 27 अगस्त को यू-डायस पोर्टल पर विभिन्न प्रतिवेदनों के अवलोकन के दौरान कई विद्यालयों में महत्वपूर्ण कार्य लंबित पाये गये. कई विद्यालयों की प्रगति भी अत्यंत असंतोषजनक मिली है.
कई विद्यालयों में छात्र प्रोफाइल का काम शून्य
पत्र के अनुसार, छात्र मॉड्यूल और छात्र प्रोफाइल के कार्य में कई विद्यालयों की प्रगति शून्य पायी गयी. कार्तिक उरांव आदिवासी बालिका उच्च विद्यालय सिसई में 31 छात्रों, सरस्वती शिशु मंदिर पंडरिया में आठ छात्रों का कार्य लंबित है. वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय अरियाटोली और गोकुलपुर में एक भी छात्र का कार्य शुरू नहीं किया गया है.
कई विद्यालयों में जीपी, ईपी, एफपी, एसएफ और पीपी जैसे अनिवार्य कॉलम भी नहीं भरे गये हैं.
डुप्लीकेट छात्रों का भी नहीं हुआ सत्यापन
बीआरसी की ओर से बताया गया कि बीडीओ ने सभी सीआरपी को अपने संकुल के विद्यालयों में डुप्लीकेट छात्रों का सत्यापन कर आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद कई विद्यालयों में अब भी डुप्लीकेट छात्र पाये जा रहे हैं. इसे सीआरपी की ओर से पर्याप्त निगरानी नहीं किये जाने का मामला माना गया है.
कई विद्यालयों में डीसीएफ अपडेशन लंबित
प्रोफाइल एवं फैसिलिटी डीसीएफ के अपडेशन का काम भी कई विद्यालयों में पूरा नहीं किया गया है. इनमें पहमु, पुसो, सुपाली, टोटो, नगफेनी-मुरगु, कार्तिक छारदा सहित अन्य विद्यालय शामिल हैं.
पांच विद्यालयों में शिक्षक मॉड्यूल अधूरा
शिक्षक मॉड्यूल के मामले में भी पांच विद्यालयों में काम अपूर्ण पाया गया है. डिवाइन लाइफ पब्लिक स्कूल में चार और सेक्रेड सोल पब्लिक स्कूल नागफेनी-मुरगु में सात शिक्षकों का विवरण अब तक पूरा नहीं किया गया है.
संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी कार्रवाई
बीआरसी ने संबंधित प्रधानाध्यापकों और सीआरपी-बीआरपी को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. पत्र में चेतावनी दी गयी है कि निर्धारित समय में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर संबंधित प्रधानाध्यापक और सीआरपी-बीआरपी की जवाबदेही तय की जायेगी. इसके बाद मामले को वरीय पदाधिकारी के समक्ष कार्रवाई के लिए प्रतिवेदित किया जायेगा.
