गुमला. केओ कॉलेज गुमला में जिले के सभी 33 आदिवासी जनजाति समाज के सामाजिक संगठनों के प्रमुख अगुवाओं की बैठक मंगलवार को हुई. बैठक में कुड़मी/कुरमी द्वारा एसटी में शामिल होने की मांग के विरोध में आगामी 31 अक्तूबर को केओ कॉलेज गुमला के समीप स्थित सरना सम्मेलन मैदान में आयोजित आक्रोश महारैली को सफल बनाने पर चर्चा की गयी. साथ ही निर्णय लिया गया कि उक्त दिन सभी लोग सरना सम्मेलन मैदान गुमला में एकत्र होंगे, जहां से जुलूस की शक्ल में पालकोट रोड, सिसई रोड, जशपुर रोड व लोहरदगा रोड होते हुए चंदाली मैदान पहुंचेंगे. चंदाली में जनसभा की जायेगी. इसके बाद राष्ट्रपति के नाम विशेष ज्ञापन उपायुक्त गुमला को सौंपा जायेगा. बैठक के माध्यम से सभी से आदिवासी वेशभूषा व पारंपरिक हथियार व वाद्य यंत्रों के साथ शामिल होने की अपील की गयी है. बैठक में आदिवासी बचाओ मोर्चा के संयोजक देव कुमार धान ने कहा है कि आदिवासियों के हक व अधिकार को छीनने का प्रयास करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा. हम सभी आदिवासी समाज को एकजुट होने की जरूरत है, तभी हम मजबूती के साथ रह सकते हैं. 31 अक्तूबर को गुमला में आक्रोश महारैली है, जिसमें हजारों हजार की संख्या में समाज के लोग भाग लें और अपनी शक्ति का प्रदर्शन करें. उन्होंने कहा कि हम सभी को इस महारैली को सफल बनाना है. इसलिए हर गांव से लोग गुमला आयें. कुरमी जाति द्वारा जिस प्रकार आदिवासी का दर्जा देने की मांग की जा रही है, हम इसका विरोध करेंगे. गुमला में जो आवाज गूजेंगी. वह आवाज रांची से लेकर दिल्ली तक गूंजनी चाहिए. मौके पर आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उरांव, राजी पड़हा प्रार्थना सभा के प्रदेश अध्यक्ष रवि तिग्गा, अगवा देवी खेरवार, दिलेश्वर लोहरा, शिवम लोहरा, जगरनाथ उरांव, फौदा उरांव, लोथे उरांव, जितेश मिंज, विनोद मिंज, योगी उरांव, रोबर्ट टोप्पो, प्रेम एक्का, सुधीर कुजूर, नेल्सन भगत, हितेश्वरी भगत, शिरोमणि बिलुंग, संतोष उरांव, सलीम टोप्पो, महावीर उरांव, अशोक भगत आदि उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
