जगरनाथ पासवान की रिपोर्ट
गुमलाः 65वें सुब्रतो मुखर्जी कप फुटबॉल टूर्नामेंट के अंडर-17 बालिका वर्ग में राष्ट्रीय चैंपियन बनने वाली संत पैट्रिक स्कूल गुमला की बेटियों की ऐतिहासिक उपलब्धि से स्कूल परिवार में खुशी का माहौल है. दिल्ली में खेले गए फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने खिताब अपने नाम किया और राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का परचम लहराया.
टीम को 5 लाख, कोच और गोलकीपर को 50-50 हजार
राष्ट्रीय चैंपियन बनने पर संत पैट्रिक स्कूल गुमला की विजेता टीम को कुल पांच लाख रुपए की इनामी राशि दी जाएगी. टीम की इस सफलता में खिलाड़ियों के साथ कोच और गोलकीपर की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही. टीम की बेस्ट कोच बीणा केरकेट्टा को उत्कृष्ट मार्गदर्शन के लिए 50 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा. वहीं, टीम की बेस्ट गोलकीपर खुशबू कुमारी को शानदार प्रदर्शन के लिए 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी.
अनुशासन और टीम भावना से हासिल किया खिताब
फाइनल तक पहुंचने और खिताब जीतने के सफर में संत पैट्रिक स्कूल की खिलाड़ियों ने अनुशासन, टीम भावना और बेहतरीन खेल का परिचय दिया. राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता से गुमला सहित पूरे झारखंड के खेल प्रेमियों में उत्साह है. स्कूल की बेटियों ने साबित कर दिया कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र की प्रतिभाओं को उचित अवसर, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिले, तो वे राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बना सकती हैं.
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दिल्ली में मौजूद रहे गुमला के अधिकारी और स्कूल के शिक्षक
फाइनल मुकाबले के दौरान दिल्ली के खेल मैदान में बसिया अनुमंडल के एलआरडीसी शेखर कुमार, स्कूल के एचएम फादर नाबोर मिंज, फादर रंजीत खलखो सहित गुमला प्रशासन के अधिकारी और स्कूल के शिक्षक मौजूद रहे. उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया.
आने वाली पीढ़ी के लिए बनेगी प्रेरणा : फादर नाबोर मिंज
स्कूल के एचएम फादर नाबोर मिंज ने कहा कि यह जीत पूरे गुमला के लिए गौरव का क्षण है. उन्होंने खिलाड़ियों, कोच और पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का यह परिणाम है. उन्होंने कहा कि स्कूल आगे भी खेल प्रतिभाओं को हरसंभव सहयोग और बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा. संत पैट्रिक स्कूल की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी की छात्राओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी.
