सुदीव्य दा का जाना सुनहरे अध्याय के अंत जैसा : भूषण तिर्की

झारखंड के मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर गुमला विधायक भूषण तिर्की ने दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

गुमला. झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास एवं आवास, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर गुमला विधायक भूषण तिर्की ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि सुदीव्य दा का असमय जाना झारखंड की राजनीति के एक सुनहरे अध्याय के अंत जैसा है. उनके निधन की खबर ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है.

शीघ्र स्वस्थ होने की सभी ने की थी प्रार्थना

विधायक ने कहा कि देर रात सुदीव्य कुमार सोनू की तबीयत बिगड़ने और सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती कराए जाने की सूचना मिली थी. इसके बाद सभी ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था. अचानक उनके निधन की खबर पर विश्वास करना बेहद कठिन था.

उन्होंने कहा कि सोनू दा सरल, सहज, ऊर्जावान और कुशल व्यक्तित्व के धनी थे. सरकार से लेकर संगठन तक उन्होंने अपनी कार्यक्षमता और योग्यता से अलग पहचान बनाई थी.

1989 में शुरू किया था सक्रिय राजनीतिक सफर

भूषण तिर्की ने कहा कि सुदीव्य कुमार सोनू का राजनीतिक सफर करीब साढ़े तीन दशक लंबा रहा. वर्ष 1989 में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संपर्क में आने के बाद उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ सक्रिय राजनीति शुरू की. प्रारंभिक दौर में सामान्य कार्यकर्ता के रूप में संगठन के लिए काम करते हुए उन्होंने हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया.

नगर अध्यक्ष से केंद्रीय अध्यक्ष तक पहुंचे

वर्ष 1992 में उन्हें झामुमो का गिरिडीह नगर अध्यक्ष बनाया गया. करीब पांच वर्षों तक उन्होंने संगठन को मजबूत किया. वर्ष 2003 में गिरिडीह जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली, जिसे उन्होंने वर्ष 2010 तक संभाला. इसके बाद वे केंद्रीय समिति के सचिव और बाद में झामुमो व्यावसायिक मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष भी बने.

दो बार रहे गिरिडीह के विधायक

सुदीव्य कुमार सोनू लगातार दो बार गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे. वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उन्हें राज्य सरकार में महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई.

भूषण तिर्की ने कहा कि सोनू दा के साथ उनकी अनेक यादें जुड़ी हैं. संगठन से लेकर सरकार तक उन्होंने साथ मिलकर काम किया. वे राज्य और जनता के विकास के प्रति सदैव समर्पित रहे. उनकी कुशलता, मार्गदर्शन और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता हमेशा याद की जाएगी.

परिवार को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना

अंत में विधायक ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत सुदीव्य कुमार सोनू को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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