गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla News: झारखंड के गुमला शहर स्थित करम टोली मॉडल स्कूल के छात्रों ने बुधवार को अपनी पढ़ाई को लेकर सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया. चिलचिलाती धूप के बीच तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं ने पटेल चौक के समीप सड़क जाम कर दी और स्कूल में शिक्षकों की लगातार हो रही कमी पर नाराजगी जताई. अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ.
शिक्षकों की संख्या घटने से बिगड़ी पढ़ाई व्यवस्था
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि पहले स्कूल में प्रिंसिपल विश्वजीत चौरसिया समेत कुल आठ शिक्षक कार्यरत थे. धीरे-धीरे शिक्षकों की संख्या कम होती गई. पहले तीन शिक्षकों को हटाया गया, फिर एक और शिक्षक कम हो गया. अब अंग्रेजी शिक्षक संजय कुमार को भी हटाने की बात सामने आ रही है. इससे छात्रों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है.
200 छात्रों की पढ़ाई पर संकट
छात्रों ने बताया कि स्कूल में कक्षा 6 से 10वीं तक करीब 200 बच्चे पढ़ते हैं. इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के लिए पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं. ऐसे में सभी विषयों की पढ़ाई सही ढंग से नहीं हो पा रही है. छात्रों का कहना था कि अगर एक और शिक्षक को हटा दिया गया, तो उनकी पढ़ाई और भी प्रभावित होगी और उनका भविष्य अंधकारमय हो सकता है.
तेज धूप में सड़क जाम कर जताया आक्रोश
बच्चों ने अपनी मांगों को लेकर पटेल चौक के पास सड़क जाम कर दिया. इस दौरान छात्र-छात्राएं हाथों में कॉपी-किताब लेकर सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. गर्मी के बावजूद बच्चों का गुस्सा साफ तौर पर नजर आ रहा था. वे जल्द से जल्द शिक्षकों की बहाली की मांग कर रहे थे.
मौके पर पहुंचे अधिकारी, छात्रों को किया शांत
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञानशंकर जायसवाल और थाना प्रभारी महेंद्र करमाली मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि जल्द ही एक टीम स्कूल जाकर पूरे मामले की जांच करेगी और शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे.
प्रशासन ने दी समझाइश
अधिकारियों ने बच्चों को तेज धूप में सड़क पर खड़े रहने से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान के बारे में भी समझाया. उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और किसी भी समस्या को शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन तक पहुंचाएं. प्रशासन के समझाने के बाद छात्र-छात्राएं शांत हुए और धीरे-धीरे सड़क खाली कर अपने स्कूल लौट गए.
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अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी सबकी नजर
छात्रों के प्रदर्शन के बाद अब पूरे इलाके में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है. अभिभावक और स्थानीय लोग भी स्कूल में शिक्षकों की कमी को गंभीर समस्या मान रहे हैं. अब सबकी नजर प्रशासन पर है कि वह इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाता है और छात्रों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए कितनी जल्दी समाधान करता है.
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