लीड...खेल व गुमला भाग-चार : भरनो में स्टेडियम बनकर तैयार, पर अबतक हैंडओवर नहीं

: गुमला में स्टेडियम का गेट नहीं खुलता है. खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है.

: गुमला में स्टेडियम का गेट नहीं खुलता है. खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है. 6 गुम 27 में गुमला में पीएइ स्टेडियम का गेट रहता है बंद 6 गुम 28 में सिसई प्रखंड के महुआडीपा का ग्राउंड 6 गुम 29 में चैनपुर प्रखंड का खेल ग्राउंड 6 गुम 30 में भरनो में हैंडओवर नहीं हुआ स्टेडियम 6 गुम 31 में मो सब्बू 6 गुम 32 में कृष्णा उरांव गुमला. खिलाड़ियों को अगर सुविधा, संसाधन व प्रशिक्षण नहीं मिले, तो वे कभी आगे नहीं बढ़ पायेंगे. गुमला जरूर खेल नगरी है. यहां के कई खिलाड़ी बेहतर किये हैं. लेकिन अब धीरे-धीरे गुमला को खेल के क्षेत्र में पीछे करने की योजना चल रही है. इसलिए कई ऐसे प्रखंड है. जहां खेल ग्राउंड है, पर यहां जो सुविधा व संसाधन होनी चाहिए. वह नहीं है. इसी में भरनो प्रखंड है. जहां स्टेडियम बना, परंतु अबतक हैंडओवर नहीं लिया गया है. गुमला शहर की बात करें तो परमवीर अलबर्ट एक्का स्टेडियम का गेट सुबह को नहीं खुलता है. जिस कारण खिलाड़िसों को बैरन लौटना पड़ रहा है. हालांकि, कुछ ऐसे प्रखंड हैं. जहां सुविधा है. खेल व संसाधन पर यह रिपोर्ट है. गुमला से जगरनाथ, भरनो से सुनील, डुमरी से प्रेम भगत,सिसई से प्रफुल व चैनपुर से कौशलेंद्र की रिपोर्ट. गुमला : स्टेडियम का गेट नहीं खुलता है गुमला शहर के परमवीर अलबर्ट एक्का स्टेडियम का गेट अक्सर बंद रहता है. हर दिन सुबह खिलाड़ी यहां अभ्यास करने आते हैं. परंतु, गेट बंद देखकर अलबर्ट एक्का प्रतिमा के समीप मामूली अभ्यास करके घर लौट जाते हैं. जबकि अभी हाल में ही लाखों रुपये खर्च कर स्टेडियम की मरम्मत की गयी है. इसके बाद भी इसका उपयोग सही से नहीं हो रही है. ऐसे में अगर प्रशासन कोई प्रतियोगिता कराता है तो स्टेडियम का गेट खोल दिया जाता है. परंतु, अन्य दिनों के लिए गेट बंद रहता है. खिलाड़ियों ने कहा है कि ऐसे में हमलोग कैसे अभ्यास करेंगे. भरनो : खेल सुविधा व संसाधन की कमी है भरनो प्रखंड जो कि रांची व गुमला मार्ग पर स्थिति है. परंतु इस क्षेत्र में खेल को बढ़ावा देने की पहल नहीं हो रही है. भरनो में खेल सुविधा व संसाधन की कमी है. यही वजह है. खिलाड़ी चाहकर भी यहां बेहतर नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे भरनो में चट्टी रोड पर प्रखंड स्तरीय स्टेडियम बनकर तैयार है. परंतु संवेदक द्वारा अभी तक प्रशासन को हैंडओवर नहीं किया गया है. भरनो के हाई स्कूल मैदान में सभी प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन अथवा खेल होता है. परंतु यहां सिर्फ चेंजिंग रूम बनाया गया है. ग्राउंड खुला है. यहां कोई सुविधा नहीं है. डुमरी : खेल ग्राउंड को समतल करने की जरूरत डुमरी मुख्यालय स्थित प्रखंड (स्टेडियम) खेल मैदान है. खेल ग्राउंड समतल नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को यहां अभ्यास करने में परेशानी होती है. खिलाड़ियों ने खेल के अभ्यास के लिए ग्राउंड को ठीक करने की मांग की है. ऐसे मैदान के उत्तर दक्षिण दोनों साइड में ड्रेसिंग रूम बना हुआ है. मंच भी है. खेल मैदान में चारों ओर चारदीवारी भी है. यहां सिर्फ मैदान को समतल करने की जरूरत है. क्योंकि बरसात के दिनों में ढालू साइड में पानी जम जाता है. ग्राउंड के किनारे नाली बना हुआ है. परंतु साफ सफाई के अभाव में जाम हो गया है. सिसई व चैनपुर में ग्राउंड की स्थिति ठीक सिसई प्रखंड में ललित उरांव स्टेडियम महुआडीपा है. जहां खिलाड़ियों की सुविधा का ख्याल रखा गया है. यहां डे-बोर्डिंग सेंटर चलता है. डे-बोर्डिंग के अतिरिक्त कई खिलाड़ी नित्य दिन अभ्यास के लिए यहां आते हैं. स्टेडियम बाउंड्रीवाल से घिरा हुआ है. पानी, बिजली, ड्रेसिंग रूम, हॉल, बाथरूम, मंच, पक्का गैलेरी सहित रहने के लिए आठ कमरा है. इधर, चैनपुर प्रखंड अवस्थित अलबर्ट एक्का मेमोरियल कॉलेज का खेल मैदान है. स्टेडियम में ड्रेसिंग रूम, शौचालय एवं पूरा मैदान बाउंड्री से युक्त है. मैदान में प्रतिदिन छात्र अभ्यास के लिए आते हैं. गुमला शहर में अक्सर परमवीर अलबर्ट एक्का स्टेडियम का दोनों बड़ा गेट बंद रहता है. छोटा गेट को भी बंद करके रखा जाता है. जिस कारण सुबह पहुंचने वाले लोगों को बैरन लौटना पड़ता है. प्रशासन को इस और ध्यान देना चाहिए. मो सब्बू, पूर्व क्रिकेटर गुमला अगर गुमला में खेल व खिलाड़ियों को आगे ले जाना है तो प्रशासन को सुविधा व संसाधन देना चाहिए. सिर्फ कागजों पर काम न हो. सरकार के कैलेंडर के अनुसार प्रतियोगिता न कराकर सालों पर लोकल स्तर पर प्रतियोगिता हो. कृष्णा उरांव, फुटबॉल खिलाड़ी

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Author: VIKASH NATH

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