गुमलाः डुमरी प्रखंड के नवाडीह से चैनपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. सड़क किनारे करीब एक किलोमीटर के दायरे में सात सूखे और जर्जर आम के पेड़ खड़े हैं, जो तेज हवा और बारिश के दौरान टूटकर सड़क पर गिर सकते हैं. इस मार्ग से हर दिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते हैं. आसपास के गांवों के स्कूली बच्चे भी इसी सड़क से आवागमन करते हैं. ऐसे में जर्जर पेड़ों को लेकर ग्रामीणों में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
लंबे समय से जर्जर हैं पेड़, विभाग ने नहीं की पहल
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क किनारे खड़े ये पेड़ लंबे समय से सूखे और जर्जर हालत में हैं. कई पेड़ पूरी तरह सूख चुके हैं और उनकी शाखाएं भी कमजोर हो गई हैं. इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से अब तक इन पेड़ों का निरीक्षण कराने या इन्हें हटाने की दिशा में कोई पहल नहीं की गई है. ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और तेज हवा के दौरान सूखे पेड़ों के सड़क पर गिरने का खतरा और बढ़ जाता है. सड़क पर वाहनों की आवाजाही और स्कूली बच्चों के नियमित आवागमन को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है.
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दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय तत्काल सड़क किनारे खड़े सूखे पेड़ों का निरीक्षण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि सभी सात जर्जर पेड़ों को सुरक्षित तरीके से हटाया जाए, ताकि राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को संभावित खतरे से बचाया जा सके. ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से इस मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि सूखे पेड़ों के कारण किसी अनहोनी की स्थिति उत्पन्न न हो.
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