गुमला : कृषि विज्ञान केंद्र गुमला एवं विकास भारती बिशुनपुर के संयुक्त तत्वावधान में लाख की वैज्ञानिक खेती विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ. इसमें सिसई, भरनो और रायडीह प्रखंडों के कुल 24 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ बृजेश पांडेय ने कहा कि लाख की वैज्ञानिक खेती ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने लाख उत्पादन में वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया.
लाख उत्पादन की तकनीक की दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान विषय वस्तु विशेषज्ञ (पादप संरक्षण) अटल बिहारी तिवारी ने लाख कीट के जीवन-चक्र, प्रमुख पोषक पौधों के चयन व प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण बीज लाख के उपयोग, वैज्ञानिक बगालन और संचयन की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने
