Gumla News: आरसी बालिका मध्य विद्यालय रजावल में धूमधाम से मना संत मोनिका पर्व, छात्राओं ने पेश किए रंगारंग कार्यक्रम

आरसी बालिका मध्य विद्यालय रजावल में संत मोनिका पर्व धूमधाम से मनाया गया। फादर संजय ने उनके जीवन को प्रेरणादायी बताया।

डुमरी,गुमला: डुमरी प्रखंड के आरसी बालिका मध्य विद्यालय रजावल नवाडीह में गुरुवार को संत मोनिका पर्व श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर चर्च में विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया. नवाडीह में फादर संजय तिग्गा और रजावल में फादर दोमनिक तिर्की ने मुख्यानुष्ठाता के रूप में पवित्र मिस्सा बलिदान अर्पित किया.

धार्मिक अनुष्ठान में विद्यालय की छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से हिस्सा लिया. इस दौरान फादर संजय तिग्गा ने संत मोनिका के जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला.

विश्वास और धैर्य का संदेश

फादर संजय तिग्गा ने कहा कि संत मोनिका का जीवन विश्वास, धैर्य, त्याग और निरंतर प्रार्थना का उदाहरण है. उन्होंने पारिवारिक जीवन की कठिन परिस्थितियों के बावजूद ईश्वर पर अपना विश्वास नहीं छोड़ा. अपने पुत्र संत ऑगस्टीन के आध्यात्मिक परिवर्तन और उन्हें सही मार्ग पर लाने के लिए उन्होंने वर्षों तक प्रार्थना और तपस्या की.

उन्होंने कहा कि संत मोनिका की प्रार्थना और तपस्या का परिणाम रहा कि संत ऑगस्टीन महान धर्मशास्त्री और संत बने. उनका जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी है.

सेवा और मानवता को अपनाने का आह्वान

फादर संजय तिग्गा ने कहा कि संत मोनिका ने परिवार में प्रेम, क्षमा, संयम और संस्कार बनाये रखने के साथ जरूरतमंदों की सेवा को भी महत्व दिया. उनका जीवन विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और विश्वास के साथ अच्छे कार्य करते रहने का संदेश देता है.

उन्होंने उपस्थित लोगों से संत मोनिका के आदर्शों को अपनाते हुए शिक्षा, अनुशासन, सेवा, प्रेम और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाना ही सच्चे विश्वास की पहचान है.


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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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