घाघरा. घाघरा थाना के देवाकी मोड़ के समीप शुक्रवार की रात सड़क हादसे में नवाडीह गांव निवासी प्रकाश उरांव की मौत हो गयी. पुलिस ने शव को बरामद कर शनिवार को पोस्टमार्टम के लिए गुमला भेज दिया. यह हादसा न केवल एक परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए गहरा सदमा है. प्रकाश ने अपने पीछे पांच बच्चों को बेसहारा छोड़ गया है. वहीं दो वर्ष पूर्व उनकी पत्नी दो बच्चों को लेकर घर छोड़ कर चली गयी थी, जिसका अब तक कोई पता नहीं चला. तब से पांच बच्चों का पूरा सहारा केवल उनके पिता थे. मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण चलता था. लेकिन अब उनकी मौत ने मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया भी छीन गया. घर की स्थिति इतनी दयनीय है कि बच्चों के पास खाने के लिए एक मुट्ठी चावल तक नहीं बचा है. करम पर्व के मौके पर प्रकाश ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार सभी बच्चों के लिए कपड़े खरीदे थे और घर खर्च चलाने के लिए बड़ी बेटी सोनाली कुमारी को 500 रुपये दिये थे. सोनाली उसी पैसे से राशन लायी थी. लेकिन अब वह पैसा भी खत्म हो चुका है. बच्चे आज पूरी तरह असहाय हो गये हैं. गांव के लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन व समाज आगे नहीं आया, तो इन मासूमों का जीवन संकट में पड़ जायेगा. सभी बच्चे अब दूसरों की दया पर निर्भर हैं. हर कोई यह सवाल कर रहा है कि आखिर इन बच्चों का भविष्य अब कौन संवार पायेगा.
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