प्रभात खबर इंपैक्ट : विद्यालय बंद है, बच्चे नहीं आ रहे तो शिक्षक क्या कर रहे हैं, उन्हें वेतन किस आधार पर दिया जा रहा है : उपायुक्त

गुमला में स्कूल बंद रहने और बच्चों की अनुपस्थिति पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई है. बीपीओ का वेतन रोकने और शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया है.

गुमला: प्रभात खबर ने मुहिम के तहत कई स्कूलों की पड़ताल कर खबर छापी है. खबर का असर है. गुमला उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया है. सोमवार को जिला शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कड़ा दिशा निर्देश दिये. बैठक में मुख्य रूप से उपविकास आयुक्त (डीडीसी) अनिमेष रंजन, डीइओ व डीएसइ उपस्थित रहे.

16 स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति शून्य

ई-विद्यावाहिनी के अंतर्गत ऑनलाइन छात्र उपस्थिति की समीक्षा में जिले के 16 विद्यालयों में पिछले माह एक भी दिन बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं पाया गया. जिसपर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय बंद हैं अथवा बच्चे विद्यालय नहीं आ रहे हैं तो संबंधित शिक्षक क्या कर रहे हैं और उन्हें वेतन किस आधार पर दिया जा रहा है.

बीपीओ से मांगा गया स्पष्टीकरण

उपायुक्त ने मामले में गुमला सदर के बीपीओ का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया. साथ ही सभी प्रखंडों को छात्र उपस्थिति के आंकड़ों की प्रतिदिन समीक्षा करते हुए कमियों में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने शिक्षक उपस्थिति की समीक्षा में भी नाराजगी जतायी.

सिस्टम में शिक्षक हो रहे अनुपस्थित

शिक्षक उपस्थिति की समीक्षा में पाया गया कि कई शिक्षक विद्यालय में सुबह पहली बार ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के बाद विद्यालय से जाने से पूर्व दूसरी बार उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं अथवा दूसरी जगह से उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में सिस्टम द्वारा उन्हें अनुपस्थित दर्शाया जा रहा है. जिसपर उपायुक्त ने शिक्षकों को दोनों समय ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने तथा डेटा में सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

लापरवाह शिक्षकों को कड़ी चेतावनी

उन्होंने लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों को कड़ी चेतावनी भी दी. छात्र नामांकन की समीक्षा में पिछले वर्ष जिले में लगभग 2.16 लाख नामांकन की तुलना में वर्तमान में अब तक करीब 1.97 लाख बच्चों का नामांकन पाया गया. जिसपर डीडीसी ने सभी प्रखंडों को नामांकन गैप को शीघ्र पूरा करने, आधार एवं अपार आईडी से संबंधित कार्य में तेजी लाने तथा स्कूल प्रोफाइल व शिक्षक प्रोफाइल से संबंधित ऑनलाइन कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया.

मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर जोर

बैठक में मध्याह्न भोजन, स्वास्थ्य एवं आयरन-फोलिक एसिड वितरण पर भी विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को सभी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, दैनिक एसएमएस की नियमित एंट्री, साप्ताहिक आयरन-फोलिक एसिड टैबलेट का वितरण तथा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य जांच से संबंधित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया गया.

शिक्षा परियोजना के काम की होगी समीक्षा

वहीं अग्रिम समायोजन की समीक्षा में वर्षों से लंबित राशि के शीघ्र सामंजन हेतु आवश्यक कार्रवाई करते हुए सर्टिफिकेट केस करने का निर्देश दिया गया. डीडीसी ने शिक्षा परियोजना के एमआईएस प्रभारी रामचंद्र कुमार सिंह को निर्देश दिया कि मासिक समीक्षा बैठकों के लिए एक सरल एवं स्पष्ट प्रस्तुति प्रारूप तैयार किया जाये. यह प्रारूप अगली समीक्षा बैठक से कम से कम तीन दिन पूर्व सभी प्रखंडों को भी उपलब्ध कराया जाये, ताकि प्रखंड आवश्यक तैयारी के साथ बैठक में उपस्थित हों और अपेक्षित सुधार कर सकें.

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डेटा में खेल नहीं चलेगा : डीडीसी

डीडीसी ने एमआईएस से प्राप्त आंकड़ों की शुद्धता एवं पारदर्शिता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि आंकड़ों को वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही प्रस्तुत किया जाये. एमआईएस प्रभारी रामचंद्र कुमार सिंह को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी गयी की वे स्वयं भी इंजीनियर हैं. इसलिए वे अपने हिसाब से आंकड़ों के खेल का कार्य ना करें और आंकड़ों की शुद्धता, विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता का ख्याल रखें.

ये भी रहे उपस्थित

बैठक में बीइइओ घनश्याम चौबे, एडीपीओ ज्योति खलखो, एपीओ शुभकामना प्रसाद, रोज मिंज, अमरप्रकाश टूटी, बीपीओ दिलदार सिंह, एकाउंटेंट माधुरी मिंज, एइ शमशाद अली, एमआईएस प्रभारी रामचंद्र कुमार सिंह सहित विभिन्न प्रखंडों के बीपीओ, कनीय अभियंता एवं लेखापाल उपस्थित थे.


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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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