टावर चौक से हटाई गई पुलिस चौकी, भाजपा ने जताया विरोध; आंदोलन की चेतावनी

गुमला के टावर चौक से पुलिस चौकी का शेड हटाए जाने पर भाजपा ने नाराजगी जताई है। प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ भाजपा ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

गुमला: गुमला शहर के प्रमुख टावर चौक पर वर्षों से पुलिसकर्मियों के लिए बने शेड को मंगलवार को हटाये जाने के बाद विवाद गहरा गया है. पुलिस चौकी को अचानक तोड़े जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल खड़े किये हैं. लोगों का कहना है कि आखिर किसके आदेश पर और किस उद्देश्य से पुलिस चौकी को हटाया गया. इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गयी है.

पुलिस चौकी हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की नाराजगी सामने आयी है जो जनसमूह को एकजुट कर रहा है. लोगों ने कहा है कि तेज धूप हो या बारिश, टावर चौक पर तैनात पुलिस जवान इसी शेड के नीचे खड़े होकर यातायात व्यवस्था संभालते थे. रात में गश्ती और चौक की निगरानी के लिहाज से भी यह स्थान पुलिस के लिए महत्वपूर्ण था.

ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के शेड हटाना जवानों के साथ-साथ शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय है. भाजपा जिलाध्यक्ष सागर उरांव ने कहा कि टावर चौक सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर पुलिस जवानों की सुविधा के लिए शेड पूर्व विधायक शिवशंकर उरांव के विधायक मद से बनवाया गया था. टावर चौक का शेड गर्मी और बरसात में पुलिस जवानों के लिए काफी उपयोगी था.

उन्होंने कहा कि जवानों की मौजूदगी से यातायात नियंत्रण में भी काफी सहूलियत होती थी. ऐसे में शेड हटाने से पुलिसकर्मियों को परेशानी होगी. भाजपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष विनय कुमार लाल ने कहा है कि भीषण गर्मी में पुलिस जवान इसी शेड के सहारे यातायात व्यवस्था को सुचारू रखते हैं. उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर किसके इशारे पर शेड हटाया जा रहा है.

उनका कहना है कि पुलिस की मौजूदगी और निगरानी कम होने से टावर चौक पर आपराधिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी की आशंका रहेगी. भाजपा के जिला महामंत्री संदीप प्रसाद ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि एक तरफजरूरतमंदों को आवास उपलब्ध कराने की बात करते हैं.

दूसरी तरफ गुमला प्रशासन भारी बारिश के बीच टावर चौक पर ड्यूटी करने वाले पुलिस जवानों को ही आश्रय से वंचित कर रहा है. उन्होंने शेड को पुनः यथावत करने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी कि यदि शेड को वापस नहीं लगाया गया तो भाजपा कार्यकर्ता उसी टावर चौक पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >