जांच रिपोर्ट : प्राथमिक जांच में पंसस दोषी, बच्ची से दुष्कर्म मामले में एक और शख्स पर जांच के घेरे में

गुमला में तीन साल की बच्ची से रेप के बाद पंचायत बुलाकर मामला दबाने के आरोपी पंसस पर कार्रवाई तय. जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद प्रशासन सख्त.

दुर्जय पासवान, गुमला

घाघरा प्रखंड के एक गांव में तीन साल की बच्ची से रेप के बाद गांव में पंचायत लगाकर मामला को सलटाने के मामले में प्राथमिक जांच पूरी हो गयी है. इस प्राथमिक जांच में अरंगी पंचायत के पंचायत समिति सदस्य को दोषी पाया गया है. उसकी सदस्यता जा सकती है. प्राथमिकी भी दर्ज हो सकती है. वहीं गांव के ही एक अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच हो रही है. पंसस के साथ एक अन्य व्यक्ति भी पंचायत बुलाने व आरोपी पर एक लाख रुपये जुर्माना ठोकने में अहम भूमिका निभाया है. जांच टीम ने उक्त व्यक्ति का नाम अभी क्लीयर नहीं किया है. एक बार और इस मामले में जांच कर उक्त व्यक्ति की भूमिका की पड़‍ताल होगी.

क्या कहा जांच अधिकारी ने

जिला पंचायती राज पदाधिकारी डॉ शिशिर कुमार सिंह ने कहा है कि अखबार में रेप के बाद गांव में पंचायत लगाकर मामला सलटाने की जैसे ही जानकारी मिली. तुरंत वरीय अधिकारी के निर्देश पर एक जांच टीम का गठन कर गांव पहुंचकर पूरे मामले की जांच की गयी. जांच के बाद पंचायत समिति सदस्य मुख्य दोषी पाया गया है, जो कि मामले को दबाने के लिए पंचायत बुलाया था. जांच रिपोर्ट तैयार हो गयी है. वरीय अधिकारी को रिपोर्ट सौंपी जायेगी. साथ ही पंचायत समिति सदस्य के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. यहां बता दें कि बच्ची से रेप के आरोपी को पुलिस जेल भेज चुकी है. परंतु, इस दरिंदगी भरी घटना में पंचायत लगाने व मामले को सलटाने वाले भी दोषी हैं. इसलिए प्रशासन इस मामले में गंभीरता से काम कर रहा है.

वीडियो बनाने वाले को खोज रहे दबंग लोग

घटना के बाद रविवार को जब गांव में पंचायत की बैठक हुई थी. उस समय एक व्यक्ति ने पंचायत का वीडियो बनाया था. वह चोरी-छिपे वीडियो बनाकर अपने एक सहयोगी को दिया. यह वीडियो मीडिया तक पहुंचा. इसके बाद रेप के बाद लगी पंचायत का वीडियो वायरल हो गया. अब पंचायत लगाने वाले दबंग लोग वीडियो बनाने वाले को खोज रहे हैं. ताकि वीडियो बनाने वाले को दबंग लोग गांव में सजा दे सके. बताया जा रहा है कि मंगलवार की शाम को छह सात लोग एक युवक के घर घुस गये और उसपर वीडियो बनाने का आरोप लगाकर धमकाने लगे. हालांकि, युवक ने जब अपना मोबाइल जांच करने के लिए दिया तो उसके मोबाइल से वीडियो नहीं मिला. इसके बाद उक्त युवक को दबंग लोगों ने छोड़ दिया.


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By Durjay paswan

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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