गुमला. विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह पर सेवाओं की पहुंच और नशामुक्ति पर जागरूकता विषय पर एक विशेष कार्यक्रम केओ कॉलेज गुमला तथा जिला मानसिक स्वास्थ्य विभाग सदर अस्पताल गुमला के संयुक्त तत्वावधान में हुआ. अध्यक्षता प्राचार्य डॉ बीएन मिश्रा ने की. उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता और इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने पर बल दिया. डॉ शारिब ने नशा व मद्यपान के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन पर प्रभाव डालता है. उन्होंने छात्रों को स्क्रीन टाइम कम करने और डिजिटल डिटॉक्स अपनाने की सलाह दी. कुसुम लकड़ा ने कहा कि नशा शारीरिक ही नहीं, सामाजिक समस्या भी है. नमिता ने युवाओं में नशे और शराब की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की. डॉ अंशुमिता ने कहा कि मानसिक बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को बिना किसी झिझक या सामाजिक कलंक के मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में परामर्श लेना चाहिए. क्योंकि मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में जाना यह नहीं दर्शाता कि व्यक्ति पागल है. संचालन डॉ संजय भोक्ता व धन्यवाद ज्ञापन डॉ प्रसेनजीत मुखर्जी ने किया.
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