सिसई. प्रखंड के चंद्रानी ढाबा में शुक्रवार को ओबीसी संघर्ष समिति की बैठक हुई. अध्यक्षता बलदेव साहू ने की. वक्ताओं ने सात जिलों में ओबीसी आरक्षण शून्य करने, झारखंड में 27 प्रतिशत आरक्षण को कई जिलों में घटा कर 14 प्रतिशत करने की निंदा की. वहीं पंचायत चुनाव में एकल को आरक्षित किये जाने को राज्य के बड़े तबके के साथ अन्यायपूर्ण बताया. सभी वक्ताओं ने सरकारी नौकरी, शिक्षण संस्थानों व पंचायत चुनाव में ओबीसी को संवैधानिक अधिकार के अनुरूप 27 प्रतिशत आरक्षण लागू कराने तक तथा एक पदों को आरक्षण मुक्त कराते तक ओबीसी को संघर्ष करना पड़ेगा. इसके लिए गांव-गांव छोटी-छोटी बैठक कर समाज के लोगों को एकजुट किया जायेगा. समिति के सदस्यों ने निर्णय लिया कि अगर सरकार ओबीसी की मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाती है, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जायेगा. संघर्ष की रणनीति के तहत हर गांव हर टोले के युवाओं व महिलाओं भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया. उन्होंने समाज के लोगों से संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए कहा कि बिना राजनीतिक हिस्सेदारी के हमारे समाज का विकास संभव नहीं है. मौके पर महमूद आलम, सदर सलमान अली, नीलांबर साहू, पन्ना वर्मा मौजूद थे.
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