दुर्जय पासवान, गुमला यह पब्लिक मुददा है. लोगों की जिंदगी से जुड़ा मामला है. हम बात कर रहे हैं. गुमला के उर्मी बाइपास चौराहा की. प्रशासन ने चौराहा में गोलंबर तो बनाया दिया. लेकिन सड़क की चौड़ीकरण नहीं की. यहां तक कि गोलंबर का रंगरोगन भी नहीं हुआ. जिस कारण, अक्सर यहां हादसे का डर बना रहता है. दूसरा सबसे बड़ा मुददा गोलंबर के बीच में लगाया गया हाइमास्ट है. एक माह पहले नयी लाइट लगायी गयी. लेकिन मात्र दो दिन लाइट जली. इसके बाद से यह बेकार पड़ा हुआ है. जिस कारण अंधेरे की वजह से हर दिन उर्मी बाइपास चौराहा के समीप दो गाड़ियों के बीच टकराने का डर बना रहता है. अगर इसे जल्द ठीक नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. जबकि इसी चौराहा के पास गुमला पुलिस का टीओपी है. कई राज्यों की गाड़ी गुजरती है उर्मी बाइपास चौराहा से ओडिशा, बिहार, बंगाल, छत्तीसगढ़, मुम्बई की कई बाड़ी गाड़ियां गुजरती है. नेशनल हाइवे होने के कारण यह सड़क 24 घंटें व्यस्त रहता है और वाहनों का आवागमन होता है. इसके अलावा गुमला शहर में लगनी वाली जाम से बचने के लिए जशपुर, रांची, सिमडेगा, खूंटी, राउरकेला के वाहन चालक इसी रूट का उपयोग करते हैं. परंतु, वर्तमान में यह चौराहा लोगों के लिए खतरा बन गया है. गुमला प्रशासन को चाहिए कि उर्मी बाइपास चौराहा का सुंदरीकरण करे. साथ ही इसे मुख्य चौक के रूप में विकसित करे. क्योंकि, यह रूट से कई राज्यों को जोड़ती है. ही दिन हजारों गाड़ियां चलती है. इसके बाद भी बाइपास चौराहा लोगों के लिए खतरा बन गया है. प्रशासन से अनुरोध है. लाइट को ठीक कराये. संदीप प्रसाद, भाजपा महामंत्री, गुमला उर्मी बाइपास चौराहा के समीप गोलंबर बना है. साथ ही हाइमास्ट लाइट भी है. प्रशासन का यह पहल सराहनीय है. लेकिन यहां हाइमास्ट लाइट रात को नहीं जलती है. प्रशासन से अनुरोध है. इसे ठीक कराया जाये. ताकि रात के अंधेरे में गाड़ी चालकों को गोलंबर दिख सके. जगमोहन नायक, समाज सेवी, डुमरडीह
राहगीरों की जिंदगी से खेल रहा एनएच विभाग
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