गुमला में तिरंगा लाइट पर उठे सवाल, युवाओं ने जांच की मांग की

गुमला नगर परिषद द्वारा लगाई गई तिरंगा लाइटों में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। खराब लाइटों और कमीशनखोरी को लेकर जनता ने जांच की मांग की है।

गुमला : नगर परिषद की ओर से शहर को रोशन और सुंदर बनाने के लिए बिजली खंभों पर लगायी गयी तिरंगा लाइट को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. शहर के लोगों का कहना है कि कुछ माह पहले लगायी गयी कई लाइटें अब खराब होने लगी हैं. कई जगहों पर लाइट लगी ही नहीं है, जबकि कुछ स्थानों पर इनके खराब होने की शिकायत है.

लाइट की खरीद में गड़बड़ी का आरोप

शहर के युवा समाजसेवी रजनीश ने कहा कि शहर को सुंदर बनाने की पहल अच्छी है, लेकिन इसमें पारदर्शिता जरूरी है. उन्होंने तिरंगा लाइट की खरीद में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बिजली खंभों पर लगी लाइटें अब काम नहीं कर रही हैं. रात में कई स्थानों पर लाइट नहीं जलती है. उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जहां अधिकारियों का आना-जाना अधिक है, वहां लगी लाइटें खराब नहीं हुई हैं. इसे लेकर उन्होंने सवाल उठाया है.

विकास कार्यों को लेकर भी उठाये सवाल

सागर उरांव ने कहा कि वह लगातार नगर परिषद से जुड़ी खबरों को देख रहे हैं. उन्होंने नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाया. उनका कहना है कि नगर परिषद बोर्ड के गठन के बाद से विकास कार्यों को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं.

सागर उरांव ने कहा कि गुमला छोटा शहर है और यहां तेजी से विकास होना चाहिए. उन्होंने कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए उपायुक्त से टीम गठित करने की मांग की, ताकि शहर के विकास के लिए खर्च की जा रही राशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >