गुमला. नगर परिषद कथा में गुमला के शहरी मुद्दों से लेकर नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार के मामले उठने के बाद अब जनप्रतिनिधियों के तेवर कड़े होते दिख रहे हैं. शनिवार को एक नेताजी ने साहब को फोन किया और नगर परिषद की कार्यप्रणाली में सुधार की नसीहत दी. नेताजी ने स्पष्ट कहा कि जनता के काम भ्रष्टाचार मुक्त तरीके से होने चाहिए. फोन के बाद उन्होंने कहा कि अगर साहब नहीं सुधरे, तो उन्हें हटाने की मांग उठानी पड़ेगी.
नगर परिषद कथा में आज बात नगर परिषद के उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी की. जिस तेवर और अंदाज में चीनी ने उपाध्यक्ष की कुर्सी संभाली, उसके बाद उन्हें जल्द ही एहसास हुआ कि नगर परिषद में उनकी भूमिका सीमित है. नगर परिषद की कार्यप्रणाली में कार्यपालक पदाधिकारी की अहम भूमिका है, जबकि बैठक बुलाने का अधिकार अध्यक्ष के पास है. ऐसे में परिषद कैसे चलेगा और शहर का विकास किस दिशा में होगा, इसमें अध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है.
इसी वजह से उपाध्यक्ष की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं. सीधे शब्दों में कहें तो उपाध्यक्ष चीनी खुद को कई मामलों में प्रभावहीन महसूस कर रहे हैं. फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी शुरू से सोच शहर का विकास और उसे मॉडल शहर बनाना है. उन्होंने कहा कि नगर परिषद की सच्चाई किसी से छिपी नहीं है और यह मामला दूर तक जायेगा.
इधर, नगर परिषद में अध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी की भूमिका को लेकर भी चर्चा है. उपाध्यक्ष के अनुसार शहर के विकास के लिए स्पष्ट प्लान और विजन की जरूरत है. नगर परिषद में टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाये जा रहे हैं. कुछ लोगों का आरोप है कि कई योजनाओं में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
एक अन्य नेताजी ने कहा है कि उन्होंने इस मामले को लेकर अपनी बात रख दी है और आगे भी कार्रवाई की मांग जारी रहेगी. इधर, शहर में कराये गये घटिया निर्माण कार्यों को लेकर कुछ ठेकेदारों की सूची तैयार किये जाने की बात सामने आ रही है. संबंधित योजनाओं की जांच कराने की तैयारी की जा रही है. उद्देश्य यह है कि यदि अनियमितता मिलने पर कार्रवाई होती है, तो अन्य ठेकेदार भी गुणवत्तापूर्ण काम करने के लिए सतर्क रहें.
