बढ़ते प्रदूषण के बीच गुमला में पर्यावरण बचाने की पहल, लायंस क्लब ने रोपे पौधे

लायंस क्लब फैमिली गुमला ने पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया. सदस्यों ने लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने और प्रकृति की रक्षा का संदेश दिया.

गुमला. सामाजिक सरोकारों और जनहित के कार्यों में सदैव सक्रिय रहने वाले लायंस क्लब फैमिली गुमला की ओर से पर्यावरण संरक्षण को लेकर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के माध्यम से क्लब के सदस्यों ने न केवल पौधे लगाये. बल्कि समाज के लोगों को भी अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, उनकी देखभाल करने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया.

पहले से ज्यादा जरूरी हुआ वृक्षारोपण

वृक्षारोपण कार्यक्रम में क्लब के प्रेसीडेंट लायन शिशिर गुप्ता, चंद्रप्रकाश सिंह, आशीष प्रश्नुन एवं राज कमल सोनी ने मुख्य भूमिका निभायी. सभी ने स्वयं पौधरोपण किया और लोगों को यह संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि जीवनभर निभाई जाने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है. शिशिर गुप्ता ने कहा कि “आज के समय में जिस गति से प्रदूषण बढ़ रहा है और हरियाली कम हो रही है. ऐसे में वृक्षारोपण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गयी है.

पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल

पेड़-पौधे हमें प्राणवायु देने के साथ-साथ प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. यदि हम आज पर्यावरण के प्रति गंभीर नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. लायंस क्लब फैमिली गुमला का प्रयास है कि सामाजिक सेवा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी एक जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाये. हम आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करते रहेंगे.


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शहरीकरण और प्रदूषण से पर्यावरण पर बढ़ रहा प्रतिकूल असर

चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा, “प्रकृति ने हमें जीवन के लिए जो कुछ दिया है. उसके प्रति हमारा भी दायित्व बनता है कि हम उसे सुरक्षित रखें. आशीष प्रश्नुन ने कहा, “पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति, संस्था या सरकार का कार्य नहीं है. यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. राज कमल सोनी ने कहा, “वर्तमान समय में तेजी से हो रहे शहरीकरण, बढ़ते प्रदूषण और पेड़ों की कटाई के कारण पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.


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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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