घाघरा में वज्रपात का कहर, 30 वर्षीय युवक की मौत; दो मवेशी भी मरे

झारखंड के घाघरा में तेज बारिश के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से एक 30 वर्षीय युवक और दो मवेशियों की मौत हो गई. ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है.

घाघरा (गुमला): थाना क्षेत्र के टांगर सिकवार गांव में बारिश के दौरान हुए वज्रपात की चपेट में आने से 30 वर्षीय युवक ललित उरांव की मौत हो गई. घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

बैल चराने गया था युवक

जानकारी के अनुसार, ललित उरांव बैल चराने के लिए सिकवार फार्म की ओर गया था. इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई. बारिश से बचने के लिए वह समीप के एक पेड़ की ओर बढ़ रहा था. तभी अचानक वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में ललित आ गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई.

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में ललित को एंबुलेंस से घाघरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई. वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलने पर परिजनों में चीख-पुकार मच गई. ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है.

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वज्रपात से दो मवेशियों की मौत

घाघरा थाना क्षेत्र के गुटवा जतराटांड़ के समीप भी बारिश के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से दो मवेशियों की मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, गुटवा गांव निवासी किसान गुडवा मुंडा ने अपने मवेशियों को कोयल नदी के किनारे जतराटांड़ में चरने के लिए छोड़ा था.

इसी दौरान अचानक तेज बारिश के साथ वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में दोनों मवेशी आ गये और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई. मवेशियों की मौत से किसान परिवार चिंतित है. किसान गुडवा मुंडा ने बताया कि मवेशी ही उनकी खेती-बारी का मुख्य साधन थे. उन्होंने प्रशासन से मवेशियों की मौत पर उचित मुआवजा देने की मांग की है.


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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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